शुक्रवार माता लक्ष्मी का ही दिन माना जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार माता महालक्ष्मी की हाथी पर विराजित प्रतिमा का पूजन करने का भी विधान है। तंत्र शास्त्र के अनुसार अगर राशि अनुसार व कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो मां लक्ष्मी की कृपा से कोई भी मालामाल बन सकता है।
१- शाम के समय मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन करें और उसके बाद मां लक्ष्मी के चरणों में सात लक्ष्मीकारक कौड़ियां रखें। आधी रात के बाद इन कौड़ियों को घर के किसी कौने में गाड़ दें। इस प्रयोग से शीघ्र ही आर्थिक उन्नति होने लगेगी।
२- पुराने चांदी के सिक्के और रुपयों के साथ कौड़ी रखकर उनका लक्ष्मी पूजन के समय केसर और हल्दी से पूजन करें। पूजा के बाद इन्हें तिजोरी में रख दें। आपकी तिजोरी हमेशा पैसों से भरी रहेगी।
३- आप श्रीयंत्र की स्थापना अपने घर में करें। श्रीयंत्र मां लक्ष्मी का ही प्रतिरूप बताया गया है। इसकी रोज विधि-विधान से पूजा करने से गरीब आदमी भी कुछ ही दिनों में अमीर हो जाता है। ये बहुत ही चमत्कारी यंत्र है। इस यंत्र की रोज पूजा करने वाले पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।
४- सुबह जल्दी उठकर स्नानादि कार्यों से निपट कर किसी लक्ष्मी मंदिर में जाएं और मां लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करें और सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। मां लक्ष्मी से धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें। कुछ ही समय में आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
५- किसी योग्य ब्राह्मण द्वारा पारद लक्ष्मी की पूजा व स्थापना अपने पूजा स्थान पर करवाएं और प्रतिदिन पारद लक्ष्मी की धूप-दीप से पूजा करें। मालामाल होने के ये बहुत ही अचूक उपाय है।
६- मां लक्ष्मी की चांदी से निर्मित चरण पादुका की स्थापना अपने धन स्थान पर करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें चरण पादुका की दिशा धन स्थान की ओर जाते हुए हो न कि बाहर आते हुए। इस तरह आपके धन स्थान पर सदैव मां लक्ष्मी का वास रहेगा।
७- दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं और साधक को मालामाल कर देती हैं।
८- शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें साथ ही दीए में थोड़ी सी केसर भी डाल दें।
९- ३ कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाएं तथा पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
– शीतल अवस्थी
