सामना संवाददाता / नई दिल्ली
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार ने आम लोगों को महंगाई का झटका दिया है। चुनाव खत्म होते ही `गैस बम’ फूटा है। कल से १९ किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में ९९३ रुपए की भारी बढ़ोतरी कर दी गई। इस बढ़ोतरी को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ेगी, इसका अंदेशा पहले ही जताया था।
सरकार द्वारा घोषित नई कीमतों के अनुसार, मुंबई में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ३,०२४ रुपए हो गई है, जबकि राजधानी दिल्ली में यह ३,०७१ रुपए पहुंच गई है। फरवरी से अब तक कमर्शियल गैस सिलेंडर १,३८० रुपए तक महंगा हो चुका है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे-बड़े होटल, चाय की टपरी, बेकरी, मिठाई की दुकानों और सड़क किनारे के स्टॉल पर पड़ेगा। इसका असर आम लोगों की थाली पर भी दिखाई देगा। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले ही सरकार लगातार कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाती रही है।
५ किलो का छोटा सिलेंडर भी महंगा
सरकार ने ५ किलो के प्रâी ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी २६१ रुपए की बढ़ोतरी की है। अब इसकी कीमत ८१३ रुपए हो गई है। यह सिलेंडर बिना किसी कागजी प्रक्रिया के उपलब्ध होता है और प्रवासी मजदूर, छात्र व छोटे दुकानदार इसका उपयोग करते हैं। हालांकि, ५ किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत ३३९ रुपए पर स्थिर रखी गई है।
कब-कब
बढ़े दाम
जनवरी – `१११
फरवरी – `५०
१ मार्च – `३१
७ मार्च – `११५
१ अप्रैल – `२१८
अगली बार पेट्रोल-डीजल पर वार
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह एक दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। यह चुनाव का बिल है। तीन महीनों में ८१ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पहला वार गैस पर हुआ है और अगला वार पेट्रोल-डीजल पर होगा।
डीजल व विमान ईंधन पर निर्यात शुल्क में कटौती
केंद्र सरकार ने १५ दिनों के लिए डीजल निर्यात पर लगनेवाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटाकर २३ रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इससे तेल कंपनियों को निर्यात सस्ता पड़ेगा और उनके नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी। हालांकि, घरेलू बिक्री पर उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है इसलिए फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
