अन्न सुरक्षा योजना की कमी पर विधानसभा में हंगामा
अंत्योदय और प्राथमिक परिवार योजना की १,८०८ फाइलें लंबित
राजन पारकर / मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा में कल परभणी तालुका के हजारों गरीब परिवारों को राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राशन न मिलने के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई। डॉ. राहुल पाटील, संतोष दानये, अब्दुल सत्तार और उमेश यावलकर समेत कई विधायकों ने विधानसभा नियम १०५ के तहत ध्यानाकर्षण सूचना दी। ध्यानाकर्षण में बताया गया कि परभणी तालुका में सिर्फ २४ अंत्योदय और ५,०८४ प्राथमिक परिवारों के लिए निर्देशांक बढ़ाया गया, जबकि १,८०८ पात्र लाभार्थियों की फाइलें आज भी लंबित हैं।
परभणी जिला मुख्यालय और महानगरपालिका क्षेत्र होते हुए भी बड़ी संख्या में लोग राशन से वंचित हैं। तहसीलदार परभणी ने ५,००० अंत्योदय व ६०,००० प्राथमिक परिवारों के लिए अतिरिक्त निर्देशांक की मांग २९ अप्रैल २०२५ को की थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने उत्तर देते हुए जानकारी दी कि राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा अधिनियम के तहत महाराष्ट्र में ७ करोड़ १६ हजार लाभार्थियों का निर्देशांक मंजूर किया गया है। परभणी तालुका को १३,०३१ अंत्योदय राशन कार्ड व २,९३,३७० प्राथमिकता परिवार लाभार्थियों के लिए निर्देशांक आवंटित किया गया है।
जिन लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें हटाकर नए पात्रों का चयन करने के निर्देश तहसीलदार व निरीक्षण अधिकारियों को दिए गए हैं। वर्तमान में परभणी जिले में ४ अंत्योदय राशन कार्ड व ६२७ प्राथमिकता परिवारों के लिए निर्देशांक शेष है।
केंद्र से लचीला रुख अपनाने की मांग
मंत्री भुजबल ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने २०११ की जनगणना के आधार पर मिले ७ करोड़ १६ हजार इष्टांक को बढ़ाकर ८ करोड़ २० लाख करने की मांग केंद्र सरकार से ७ मार्च २०२२ को की थी। उन्होंने आगे कहा कि देश में चल रही नई जनगणना के बाद एनएफएसए योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि होना तय है, ऐसे में सभी पात्र नागरिकों को उनका हक देने हेतु केंद्र से लचीला रुख अपनाने की मांग की गई है।
