लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों के बीच भागलपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। नवगछिया अनुमंडल के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव में छठ घाट बनाने के दौरान गंगा नदी में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार की दोपहर गांव के कुछ बच्चे गंगा किनारे छठ घाट तैयार करने पहुंचे थे। घाट की सफाई और सजावट के बाद चारों बच्चे नदी में स्नान करने लगे। इस दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए बाकी तीनों बच्चे भी नदी में उतर गए, लेकिन वे सभी तेज धारा में बह गए और देखते ही देखते पानी में समा गए। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर गोताखोरों की मदद से सभी को किसी तरह बाहर निकाला और आनन-फानन में इस्माइलपुर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान नवटोलिया गांव निवासी मिथिलेश कुमार का पुत्र प्रिंस कुमार (११) और किशोरी मंडल का पुत्र नंदन कुमार (१०) के रूप में हुई है। अन्य दो बच्चे पास के छठठु टोला के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
‘मौनी’ भगदड़ में मृतकों के परिजनों को मुआवजा दो -हाई कोर्ट
संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले मां एवं बेटे के परिजन को मुआवजा के भुगतान के संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मेला अधिकारी को एक माह के अंदर प्रत्यावेदन निस्तारित कर मामले को निर्णीत करने का आदेश दिया है। बता दें कि प्रयागराज में महाकुंभ २०२५ में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम नोज पर भगदड़ में बलिया के गांव नसीराबाद की रीना देवी (३५) तथा रोशन पटेल (१२) की मृत्यु हो गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भगदड़ में मारे गए प्रत्येक मृतक को २५ लाख का मुआवजा देने का निर्णय लिया था। मृतक के पति विभिन्न कार्यालयों में दौड़ भाग करते रहे, लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया।
