मुख्यपृष्ठसमाचारभूमि अधिग्रहण मामले में ‘कंगाल’ मनपा की बढ़ी मुसीबत

भूमि अधिग्रहण मामले में ‘कंगाल’ मनपा की बढ़ी मुसीबत

-भाजपा विधायक को मिला ‘उपहार’

-नगद मुआवजे के लिए जमीन मालिकों की लगी कतार

-सुरेश गोलानी / मुंबई

भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की पारिवारिक सेवन इलेवन कंपनी की स्वामित्व वाली काशीगांव स्थित भूमि पर मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों के निर्माण हेतु अधिग्रहण प्रक्रिया ने पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही मीरा-भायंदर महानगरपालिका की मुश्किलों को और बढ़ा कर रख दिया है। गौरतलब है कि लगभग दो दशक पहले निर्मित ४५ मीटर चौड़ी सड़क के लिए मेहता की सेवन इलेवन कंपनी की भूमि के अधिग्रहण हेतु मनपा के नगर रचना विभाग ने १२ मई २०२६ को मालमत्ता व्यवस्थापन विभाग (एस्टेट डिपार्ट्मन्ट) को इस प्रस्ताव के बारे में अवगत कराया है। मुआवजे के तौर पर भाजपा विधायक से संबंधित इस कंपनी को टीडीआर जारी करने के बजाय सरकारी दर के आधार पर २४ करोड़ २४ लाख ३३ हजार ३३० रुपए देने की पेशकश की गई है। नगररचना विभाग के सहायक संचालक पुरुषोत्तम शिंदे ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी तथा सक्षम पुनर्वसन प्राधिकारी द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए अपने पत्र में यह स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक मूल्यांकन के अनुसार, इस जमीन के लिए मुआवजे की तय कीमत का ३० प्रतिशत (७ करोड़ २७ लाख २९ हजार ९९९ रुपए) तुरंत जमा करने होंगे। भाजपा विधायक को दिए जाने वाले इस स्पेशल गिफ्ट को आधार बनाते हुए कई प्रभावित जमीन मालिक अधिग्रहण के बदले नगद मुआवजे की मांग करने लगे हैं। भाजपा विधायक की कंपनी का हवाला देते हुए भायंदर-पश्चिम स्थित तोड़ीवाडी के जमीन मालिक ने मनपा आयुक्त को लिखे अपने पत्र में मेट्रो परियोजना के अंतर्गत नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्थानक के लिए प्रभावित लगभग ८,००० वर्ग मीटर जमीन के अधिग्रहण हेतु नगद मुआवजे की मांग रखी है। जमीन मालिक ने अपने पत्र में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि देश का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और कानूनी हक देता है और इसी तर्ज पर विधायक को दिए जाने वाले जमीन के बदले पैसों वाली नीति उनकी बाधित जमीनों पर भी लागू होती है। सार्वजनिक परियोजनाओं के निर्माण हेतु शहर के कई जमीन मालिक प्रभावित हुए हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि अपने हक से वंचित कई और प्रभावित जमीन मालिक नकद मुआवजे के लिए मनपा का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहें हैं।
वडेट्टीवार का तीखा वार
लोकप्रतिनिधि द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करके जनता के पैसे से खुद को फायदा पहुंचाने का आरोप करते हुए विधानसभा में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मानसून सत्र के दौरान मीरा-भायंदर में मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों के लिए भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की प्राइवेट कंपनी को भूमि अधिग्रहण के नाम पर २४ करोड़ का भारी मुआवजा देने के पैâसले में कथित भ्रष्टाचार और करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग का मुद्दा आक्रामक रूप से उठाया। सूत्रों के अनुसार, चौतरफा आलोचना और विपक्ष के तीखे हमले के बाद मनपा प्रशासन अब मेहता के जमीन अधिग्रहण के भेदभाव वाले पैâसले पर पुनर्विचार करने को मजबूर हो गया है।

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