सामना संवाददाता / नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मित्र और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर २५ प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप के इस फैसले से भारतीय उद्योगों पर गहरा असर पड़ेगा और आभूषण उद्योग तथा कपड़ा उद्योग में लाखों नौकरियां जाने की आशंका है। दूसरी ओर ट्रंप ने २५ प्रतिशत टैरिफ लगाकर हिंदुस्थान में अगले महीने से शुरू हो रहे शादियों के मौसम को भी बिगाड़ दिया है। ऐसे में शादी करनेवाले जोड़ों पर भी टैरिफ की मार पड़नी तय है, क्योंकि टैरिफ के कारण शादियों में कपड़े, आभूषण की लोग खरीदी करते हैं, जो कापी महंगे हो जाएंगे।
ट्रंप का २५ प्रतिशत टैरिफ ७ अगस्त २०२५ से लागू होगा। इस फैसले के तहत भारतीय कपड़ा कारखानों को चालू रखने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी करनी होगी। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि अकेले कपड़ा उद्योग में ही दो लाख से ज्यादा नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
आभूषण उद्योग पर भी संकट
अमेरिका के नए २५ प्रतिशत टैरिफ के कारण भारतीय कपड़ा और आभूषण उद्योग संकट में है। टैरिफ का हस्तनिर्मित आभूषण निर्यात पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। पहले १० प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था। उस समय ५० हजार नौकरियों पर खतरा था। अब यह टैरिफ बढ़ाकर २५ प्रतिशत कर दिया गया है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने कहा कि एक लाख से अधिक नौकरियां जाने का डर है।
ट्रंप के टेरिफ से २५०० करोड़ के कालीन निर्यात पर संकट
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर २५ प्रतिशत टैरिफ लगाने से भारत के निर्यात पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। बीकानेर के दो प्रमुख उद्योग भी प्रभावित हो सकते हैं। इससे कालीन, वुलन, नमकीन और मिठाई उद्योगों से जुड़े व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
बीकानेर से हर साल लगभग २,५०० करोड़ रुपए का कालीन निर्यात होता है, जिसमें से ७० प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले अमरीका की होती है। यहां का कालीन उद्योग न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रदान करता है, बल्कि देशभर के करीब २५ लाख प्रत्यक्ष और ५० लाख अप्रत्यक्ष श्रमिक इससे जुड़े हैं। टैरिफ लगने के बाद कालीन निर्माण की लागत बढ़ेगी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा।
उद्योगों को समर्थन पैकेज देना चाहिए
राजस्थान वुलन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल कल्ला ने कहा, ‘ऐसे में कुशल श्रमिकों और बुनकरों को काम मिलना बंद हो जाएगा और उनका अन्य व्यवसायों की ओर मुड़ना उनकी मजबूरी बन जाएगा इसलिए केंद्र सरकार को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए या उद्योगों को रियायतें और समर्थन पैकेज देना चाहिए।
४० फीसदी तक व्यापार में गिरावट की आशंका
अभी त्योहारों का सीजन है और अमरीका में भी बड़ी संख्या में एशियन लोग रहते हैं, ऐसे में इस टैरिफ का असर हमारे उद्योग पर पड़ेगा। व्यापार में ३० से ४० प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, टैरिफ को देखते हुए अब व्यापारियों ने अन्य देशों में निर्यात की संभावनाओं को देखना शुरू कर दिया है।
१० करोड़ रुपए का अमेरिकी निर्यात
बीकानेरी भुजिया और रसगुल्ले की मांग भी पूरे विश्व में रहती है, ऐसे में बड़ी मात्रा में बीकानेर से मिठाई और नमकीन का निर्यात अमेरिका में भी होता है। हर साल करीब १० करोड़ रुपए की नमकीन और मिठाई अमरीका निर्यात होती है, लेकिन टैरिफ लागू होने से इसका भी बुरा असर पड़ेगा। व्यापारियों का मानना है कि किसी भी देश द्वारा टैरिफ घटाने या बढ़ाने का असर उद्योगों पर पड़ता है।
