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उद्धव ठाकरे ने सरकार को जमकर घेरा…मंत्रिमंडल में हैं नाकारा बैल! न्याय क्या देंगे?

-अगली बार सत्ता में नहीं आएगी भाजपा
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा नेतृत्व वाली यह सरकार किसान विरोधी है। राज्य में सूखा सामने खड़ा है, किसान रोज आत्महत्या कर रहे हैं। सूखा घोषित करने के लिए क्या मुहूर्त चाहिए? जनता को बेहाल करने वाली यह जुल्मी सरकार अब फिर सत्ता का मुंह नहीं देख पाएगी। ऐसा जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने डबल इंजन की सरकार पर किया। उद्धव ठाकरे मराठवाड़ा सहित कई क्षेत्रों के रुके हुए विकास को लेकर राज्य की महायुति सरकार पर जमकर बरसे। सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि लातूर के किसान को महायुति सरकार ने नकारे बैल देकर धोखा दिया, उसी तरह नकारे बैल मंत्रिमंडल में भी बैठा रखे हैं। न उनका खेती में उपयोग है, न किसी और काम में, वे आम जनता को क्या न्याय देंगे? ऐसा जोरदार हमला उद्धव ठाकरे ने किया।
राज्य में रुके हुए विकास कार्यों को लेकर सरकार से जवाब मांगने के लिए शिवसेना की ओर से ‘मराठवाड़ा का विकास, तुमसे ना हो पाएगा’ आंदोलन किया गया। छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय आयुक्तालय के सामने धरना दिया गया। इस आंदोलन के समापन अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए उद्धव ठाकरे ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।
इस दौरान पीएम मोदी पर व्यंग्य कसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आपने जो आंदोलन खड़ा किया है, हमारे दयालु प्रधानमंत्री आपको माफ कर देंगे!

उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के आंदोलन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा की गई आलोचना का भी करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री आलोचना करते हैं, लेकिन शिवसेना द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब सरकार को देने चाहिए, ऐसी चुनौती उन्होंने दी।

विधायक, सांसद खरीद लिए,
अब पुरस्कार खरीद रहे हैं! 

-उद्धव ठाकरे का जोरदार हमला भाजपा अगली बार सत्ता में नहीं आएगी

शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठवाड़ा की ओर किसी का ध्यान नहीं है। मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने गए हैं। एक उप मुख्यमंत्री ढोकला खाने गुजरात गए हैं। उन्होंने तो लंदन में एक पुरस्कार खरीद लिया। विधायक, सांसद खरीदने के बाद अब पुरस्कार खरीद रहे हैं। ‘तुमसे ना हो पाएगा’, ऐसा वे खुद से ही कहेंगे, ऐसा तंज उन्होंने शिंदे पर कसा। मराठा समाज के लिए मनोज जरांगे ने अपने प्राण दांव पर लगाए। एक जरांगे हैं, जो लड़ रहे हैं और दूसरे नेता लंदन में पुरस्कार खरीदते घूम रहे हैं।
कहां सरदार पटेल, कहां ये…!
निजाम की अत्याचारी सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए मराठवाड़ा ने बड़ा संघर्ष किया। राजघरानों के साथ तो खूनी संघर्ष हुआ। अनेक लोगों ने बलिदान दिया। लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंचने के दौरान जिन्ना चले गए। सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो शुरू करने के आदेश दिए। उन्होंने एक अत्याचारी शासन को समाप्त करने के लिए सेनाएं भेजीं। आपने सिर्फ चुनाव जीतने के लिए सेनाएं भेजीं, ऐसा स्पष्ट आरोप इस दौरान उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर लगाया।
विज्ञापन के पैसे जितना भी खर्च किया होता तो..
इस सरकार के पास विज्ञापन के लिए पैसे हैं, लेकिन गरीब जनता व किसान के लिए नहीं हैंै। उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज मैंने सुबह जब अखबार देखा तो पहले पन्ने पर गद्दारों का विज्ञापन था। इतने सारे विज्ञापनों के बिल का पैसा भी अगर दिया होता तो मराठवाड़ा की कुल समस्याएं दूर हो गई होतीं और परियोजनाएं पूरी हो गई होतीं। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि वे गरीब किसान हेलीकॉप्टर से खेत में जाते हैं और आप अमीर हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फिर बोले कि अगली पीढ़ी को सूखा नहीं देखने देंगे! क्या सूखा मराठवाड़ा के लिए कोई नई बात है? अब आप मुख्यमंत्रियों से दो टूक कहिए कि भाजपा अगली बार सत्ता नहीं देख पाएगी! देखिए, वे कैसे घुटनों के बल रेंगते हुए आएंगे, ऐसा आह्वान उद्धव ठाकरे ने किसानों से किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को एकजुट करें, एकता का सूखा खत्म करें, सरकार अपने आप आपके चरणों में लोटने लगेगी। संघर्ष का साथ मत छोड़िए, शिवसेना आपके साथ है, ऐसा भरोसा भी उद्धव ठाकरे ने इस अवसर पर दिया। उन्होंने कहा कि लाडली बहन योजना से ९१ लाख महिलाओं को बाहर कर दिया गया। इस योजना में पांच हजार करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। और मुख्यमंत्री लगातार गला सुखाकर कहते थे कि अखंड बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन अब ऐन सूखे के दौरान बिजली कटौती शुरू कर दी गई है, ऐसा जोरदार हमला करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा की सत्ता का लोडशेडिंग करें, उनकी ‘पावर’ काट दें!
गोपीनाथ मुंडे की मृत्यु का रहस्य कायम
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठवाड़ा राजनीतिक नेताओं की खान है। शंकरराव चव्हाण, विलासराव देशमुख, अशोक चव्हाण, डोणगावकर जैसे दिग्गज नेताओं को इस मिट्टी ने जन्म दिया। इसी मिट्टी से प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे जैसे नेता भी पैदा हुए। प्रमोद महाजन को तो हम भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखते थे। उनकी मृत्यु का रहस्य अभी तक नहीं सुलझा है। ये लोग यहां मूल रूप से नेता ही नहीं रहने देंगे। इसलिए अब जनता को ही नेता बनना चाहिए।
अगला आंदोलन २३ सितंबर को विदर्भ में
मराठवाड़ा का यह आंदोलन केवल शुरुआत है। मैं फिर मराठवाड़ा में आऊंगा ही। शिवसेना का अगला आंदोलन २३ सितंबर को विदर्भ में होगा, ऐसा उद्धव ठाकरे ने इस अवसर पर कहा।
चरित्रहनन बंद करें, नहीं तो
कानूनी कदम उठाना पड़ेगा
दिशा सालियान आत्महत्या मामले की जांच के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि इस मामले से ठाकरे परिवार का दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि हम दिशा को जानते तक नहीं थे। राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित होकर जांच कराने वाले हैं तो अब चरित्रहनन बहुत हो चुका। अन्यथा हमें भी कानूनी कदम उठाना पड़ेगा, ऐसी चेतावनी उद्धव ठाकरे ने दी।
नवरात्रि में महाराष्ट्र का दौरा करेंगे
सूखे की स्थिति को लेकर फडणवीस सरकार ने ५ अक्टूबर के बाद पंचनामे करने का मुहूर्त निकाला है। लेकिन ये पंचनामे किस तरह किए जाते हैं और इसके लिए क्या-क्या मापदंड तय किए गए हैं, इसकी पूरी जानकारी लेने तथा किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए नवरात्रि उत्सव के दौरान शिवसेना के विधायक और सांसद पूरे महाराष्ट्र का दौरा करेंगे, ऐसी घोषणा भी उद्धव ठाकरे ने की।

मित्रों का कर्ज माफ, किसान बेहाल
यूपीआई भुगतान पर लगाए जाने वाले कर को लेकर उद्धव ठाकरे ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्रा नाम के उनके एक मित्र हैं। उनका २२ हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया, लेकिन किसानों को देने के लिए इस दयालु सरकार के पास एक कौड़ी भी नहीं है। सिर्फ हिंदू-मुसलमानों की राजनीति करनी है। जाति-पांति की दीवारें खड़ी करनी हैं। अलग-अलग जातियों को आपस में लड़ाना है और उसी पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकनी है, इतना ही काम भाजपा को आता है। इस सत्ता की लालसा वाली प्रवृत्ति पर लगाम लगाने का समय अब आ गया है। एकजुट होकर आइए और संघर्ष कीजिए, ऐसी जोरदार अपील उद्धव ठाकरे ने की। इस अवसर पर मंच पर शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे, सांसद अनिल देसाई तथा विधायक अंबादास दानवे, विधायक डॉ. राहुल पाटील, वैâलास पाटील, डॉ. प्रवीण स्वामी, पूर्व विधायक मीरा रेंगे पाटील आदि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाने से किसानों के घर में रोशनी आएगी क्या?
सूखे की मार झेल रहे मराठवाड़ा में जब किसानों के घरों के दीये बुझ रहे हैं, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीये जला रहे हों, तो क्या इससे किसानों के घरों में रोशनी आएगी? ऐसा तीखा सवाल उद्धव ठाकरे ने इस आंदोलन के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में किया। उन्होंने कर्नाटक सरकार की तरह महाराष्ट्र में भी तत्काल सूखा घोषित कर किसानों को सहायता देने की मांग की। महाविकास आघाड़ी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में पहले ही अधिवेशन में बिना किसी की मांग के किसानों की दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी की गई थी। इसके साथ ही दस रुपये में शिवभोजन योजना शुरू की गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐतिहासिक कर्जमाफी पैकेज देने का दावा करने वाली महायुति सरकार द्वारा दिए गए साढ़े तीन रुपये भी किसानों के खातों में जमा हुए हैं क्या?

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