सामना संवाददाता / प्रयागराज
जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर नैनी कोतवाली के डभाव गांव में देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां पारिवारिक कलह और पत्नी की विदाई नहीं होने से तनावग्रस्त मनीष भारतीय (27) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। मनीष भारतीय गांव में ही फूल-माला बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी शादी लगभग एक साल पहले घूरपुर थाना क्षेत्र के बलापुर गांव निवासी पन्नालाल की पुत्री खुशी के साथ हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया, जिसके चलते खुशी पिछले चार महीनों से अपने मायके में ही रह रही थी। मृतक के पिता सूरज भारतीय ने बताया कि उनका बेटा बहु को वापस लाने के लिए कई बार ससुराल गया था, लेकिन ससुरालियों ने हर बार विदाई करने से साफ इनकार कर दिया और उसे लौटा दिया। पत्नी से लगातार दूर रहने के कारण मनीष पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चल रहा था।
सोमवार की रात मनीष खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया था। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक उसका कमरा नहीं खुला तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांककर देखा गया, तो मनीष का शव पंखे से लटक रहा था। यह देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और चीख-पुकार मच गई।
घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए डभाव गांव के पास रीवा रोड पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
सूचना मिलते ही घूरपुर और नैनी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और ससुराल पक्ष के खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
