-१५ फीसदी लोग हाई बीपी और डायबिटीज की चपेट में तेजी से बढ़ रहे हैं मुख और गर्भाशय कैंसर के मामले
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
महायुति राज में जनता की सेहत पर गंभीर संकट गहराता जा रहा है। राज्यभर में हाई बीपी, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े चौंकाने वाले हैं, जिसमें करीब १५ फीसदी लोग हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की गिरफ्त में हैं, जबकि मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है।
महाराष्ट्र में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के दौरान राज्य की सेहत की हकीकत सामने आ गई है। १७ सितंबर से २ अक्टूबर २०२५ के बीच आयोजित इस अभियान ने महायुति सरकार के जनस्वास्थ्य दावों की सच्चाई उजागर कर दी। इस अभियान के तहत २,३३,०६६ शिविरों में १ करोड़ ८ लाख ५९ हजार से अधिक नागरिकों की जांच की गई, जिनमें ३२ लाख ७१ हजार पुरुष और ७५ लाख ८७ हजार महिलाएं शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, १४ लाख ४१ हजार ६४८ लोगों को उच्च रक्तचाप, जबकि १४ लाख ९८ हजार २१९ नागरिकों को मधुमेह की शिकायत पाई गई। यही नहीं, कैंसर जांच में भी चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। ६ लाख से अधिक मुख कैंसर, ३ लाख २० हजार स्तन वैंâसर और २ लाख ४१ हजार गर्भाशय कैंसर की जांचें की गर्इं।
दयनीय हाल में प्राथमिक केंद्र
स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी सच्चाई चौंकाने वाली है। ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति दयनीय है। दवाओं की कमी और डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण लाखों मरीज बेहाल हैं। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के नाम पर चले इस अभियान ने सरकारी तंत्र की नाकामी को उजागर कर दिया है।
