एम एम एस
दुबई के एक आलीशान कमरे में जब उसकी आंखें खुली तो उसका मोबाइल बज रहा था। उसने देखा केरल से उसकी प्रâेंड रागिनी का कॉल था। उसने फोन उठाया और कुछ समय तक चैटिंग की। इधर-उधर की बात होने के बाद अब दोनों मोबाइल फोन पर एक इंटरैक्टिव मल्टीप्लेयर गेम खेलने में मशगूल हो गए। फोन वॉयस चैट चालू थी, अचानक उसे रागिनी की अचानक चीखें सुनाई दी। साथ ही उसे एक आदमी की आवाज भी सुनाई दी जो मलयालम में कह रहा था, ‘यह मैं हूं, यह अंकल। डरो मत। मैं तुमसे बात करने आया हूं। चिल्लाओ मत, इससे सिर्फ तुम्हारी बदनामी होगी…’ वह सकते में आ गई।
यह रागिनी थी, जो चिल्ला रही थी। उसे इस बात का एहसास हो गया था कि कोई रागिनी के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश कर रहा है।
रागिनी केरल के कोझिकोड शहर के होटल संकेतम में प्रâंट ऑफिस मैनेजर के तौर पर काम कर रही थी। उसने बचने की खूब कोशिश की। अंत में अपने आपको बचाने के लिए वह बालकनी से कूद गई। उसे होश आया तो वह अस्पताल में थी। उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट करने की कोशिश करनेवाला देवदासन था। यह पहली बार नहीं था, जब उसके एंपलायर देवदासन ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया था। होटल संकेतम में प्रâंट ऑफिस मैनेजर के तौर पर शामिल होने के कुछ ही हफ्तों बाद उसने उसे सेक्सुअल मैसेज भेजना शुरू कर दिया था, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि वह उसके घर में घुसने और उसके साथ मारपीट करने की कोशिश करने के लिए इतना बेशर्म होगा, क्योंकि जब उसके साथ या वारदात हुई उसका फोन चल रहा था और फोन के कमरे में सारी हरकतें वैâद कर ली थीं, जो रागिनी के साथ हुए हैरासमेंट का पुख्ता गवाह बनी।
गवाह तो यह घटना इस बात की भी है कि केरल में बढते हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ने महिलाओं को सुरक्षित बनाकर रख दिया है। केरल में महिलाओं का सेक्सुुअल हैरासमेंट भी बढ़ रहा है। रागिनी और अन्य इस तरह की पीड़ितों से बात करने पर पता चलता है कि वर्कप्लेस में रातभर रुकना, अनियमित कार्य घंटे, ऊंचे पदों पर महिलाओं की कम अनुपात में तैनाताr और वर्कप्लेस में सेक्सुअल हैरासमेंट के खिलाफ कानून का पालन न करना कुछ ऐसे कारण हैं, जो महिलाओं को अधिक असुरक्षित बना देते हैं।
रागिनी के मुताबिक, अगर उसके मित्र ने उसे उस दिन जो कुछ हुआ उसका स्क्रीनशॉट नहीं भेजा होता और उसके पास उस दिन की रिकॉर्डिंग नहीं होती तो ज्यादा चांसेस यही थे कि उसका मलिक देवदासन कानून के चंगुल से बच जाता। इसकी वजह यह है कि देवदासन ने इस घटना के बाद उसे धमकी दी थी, क्योंकि उसके पुलिस और राजनीति में अच्छे कनेक्शन हैं और उसे पूरा विश्वास था कि वह बच जाएगा।
