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मुंबई, ठाणे सहित अन्य मनपा चुनाव दिसंबर-जनवरी में स्थानीय निकाय चुनाव में वीवी पैट का नहीं होगा उपयोग

सामना संवाददाता / मुंबई
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से महाराष्ट्र में स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के आम चुनावों का रास्ता साफ हो गया है। दिवाली के बाद अक्टूबर के अंत से चरणबद्ध तरीके से चुनाव प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर सहित राज्य के २९ महानगरपालिका क्षेत्रों में दिसंबर-जनवरी के दौरान चुनाव होंगे। इन चुनावों में वीवीपैट का उपयोग नहीं किया जाएगा, यह जानकारी राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने दी। नासिक में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए कल विभागीय बैठक हुई। इस बैठक के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि १ जुलाई २०२५ की मतदाता सूची को इन चुनावों के लिए ग्राह्य माना जाएगा। प्रभाग रचना का काम जारी है और यह पूर्ण होने के बाद मतदाता सूची विभाजित की जाएगी। साथ ही वाघमारे ने बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाने का अधिकार केवल भारत निर्वाचन आयोग को है।
वीवीपैट न इस्तेमाल करने का कारण
वीवीपैट मशीन, यानी ‘वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’, का इस चुनाव में उपयोग नहीं किया जाएगा। वार्ड पद्धति के चलते एक ही निर्वाचन क्षेत्र में चार बार मतदान कराना पड़ता है, जिससे अधिक समय लगता है। इसके अलावा, मशीनों की उपलब्धता की भी समस्या है। पहले भी इन चुनावों में वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं होता रहा है, ऐसा वाघमारे ने कहा।
चार महीनों में चुनाव कराने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने चार महीनों के भीतर स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के चुनाव कराने का आदेश दिया है। इसके अनुसार, दिवाली के बाद चार महीनों में चरणबद्ध तरीके से महानगर पालिका, जिला परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव कराए जाएंगे।
ओबीसी आरक्षण के लिए लॉटरी प्रणाली
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण तय रहता है, लेकिन ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार लॉटरी प्रणाली अपनाई जाएगी। वाघमारे ने बताया कि इससे पहले भी राज्य में हुए चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।

दिवाली के बाद स्थानीय चुनावी बिगुल
वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल नहीं!

महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव दिसंबर या जनवरी में हो सकते हैं। राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया कि चुनाव चार महीने के भीतर कराए जाएंगे और चरणोेंं में आयोजित किए जाएंगे। इस बार के चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए लॉटरी सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
चुनावों की मुख्य बातें
 चुनाव का समय: दिवाली के बाद दिसंबर या जनवरी में चुनाव हो सकते हैं।
 वीवीपैट का उपयोग नहीं: इन चुनावों में ईवीएम से जुड़ी वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे सियासी विवाद भड़कने की संभावना है।
 ओबीसी आरक्षण: ओबीसी आरक्षण के लिए लॉटरी सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जैसा कि हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है।
 चुनावी कार्यक्रम: चुनाव चरणों में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें नगर निगम, जिला परिषद और नगरपालिका जैसे सभी निकाय शामिल हैं।

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