सुरेश गोलानी / भायंदर
कहते हैं भगवान के दर्शन दुर्लभ होते हैं, लेकिन हमारे वीआईपी नेताओं के दौरे उससे भी ज्यादा चमत्कारी होते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत नजारा भायंदर-पूर्व के इंद्रलोक इलाके में देखने को मिला, जहां लंबे समय से कुंभकर्णी नींद में सोया मीरा-भायंदर महानगरपालिका प्रशासन अचानक जाग उठा। वजह कोई जनहित नहीं, बल्कि माननीय मंत्रीजी प्रताप सरनाईक का प्रस्तावित दौरा था।
मंत्रीजी की गाड़ियों का काफिला बिना किसी रुकावट के सरपट दौड़ सके और उनके चश्मे पर इंद्रलोक की बदहाली का कोई दाग न लगे, इसके लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए फुटपाथों को ऐसा चमकाया मानो यहां कभी आम जनता चलती ही न हो। जिन सड़कों पर महीनों से अवैध रूप से फेरीवालों की गाड़ियां खड़ी रहती हैं और फुटपाथों पर कचरे का अंबार लगा रहता है, वहां मंत्रीजी के आने से ठीक पहले प्रशासन को अचानक ‘कानून व्यवस्था’ और ‘स्वच्छता’ की याद आ गई। सड़कें ऐसी साफ की गईं कि लगने लगा मानो हम भायंदर में नहीं, बल्कि पेरिस की गलियों में घूम रहे हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी चर्चा और कटाक्ष का दौर जारी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह ‘सफाई भक्ति’ सिर्फ मंत्रियों और वीआईपी नेताओं को खुश करने के लिए होती है।
तंज कसते हुए एक स्थानीय नागरिक ने कहा, ‘साहेब के आने से पहले प्रशासन की कार्यकुशलता ओलंपिक स्तर की हो जाती है। काश, मंत्रीजी हर हफ्ते इस इलाके का दौरा करते, तो कम से कम प्रशासन हर हफ्ते काम तो करता!’ अब देखना यह है कि मंत्रीजी के जाते ही यह फुटपाथ कितने घंटों में वापस अपनी पुरानी ‘अतिक्रमी’ रंगत में लौटता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि साहेब की गाड़ी की धूल उड़ते ही, फेरीवालों के अवैध ठेले वापस अपनी जगह पर सज जाते हैं।
