सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल शिंदे गुट और भाजपा के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और मंत्री उदय सामंत ने भाजपा को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि शिंदे गुट के पदाधिकारियों को डराने, धमकाने या उन पर झूठे मामले दर्ज कराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पार्टी की बैठक में उदय सामंत ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि सत्ता में केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि शिंदे गुट भी भागीदार है। उन्होंने साफ कहा कि ‘हम भी सत्ता में हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के विचारों का समर्थन करते हैं, लेकिन अगर शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं को धमकाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उदय सामंत ने बिना नाम लिए भाजपा नेताओं और स्थानीय तंत्र पर निशाना साधते हुए कहा कि सोलापुर में शिंदे गुट के पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि वे किसी दबाव में काम न करें। उदय सामंत के इस बयान को भाजपा के लिए सीधी राजनीतिक आंख दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। महायुति सरकार में सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच शिंदे गुट की इस तल्ख टिप्पणी ने गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान को फिर उजागर कर दिया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी चुनावों और स्थानीय सत्ता समीकरणों को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच अंदरूनी टकराव लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान सामंत ने अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों को भी फटकार लगाई।
