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जब दिल ही टूट गया… प्यार में हर घंटे जा रही १ जान!

देश में `प्रेम विफलता में आत्महत्या’ के बढ़ रहे मामले
एनसीआरबी की रिपोर्ट में दावा, हर साल हो रही हैं २०,००० मौतें

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
वैसे तो प्यार में जीने-मरने की कसें खाई जाती हैं। भारत में प्यार में असफलता के कारण आत्महत्याओं की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ी है। एनसीआरबी की रिपोर्ट २०२४–२५ के अनुसार, हर घंटे एक व्यक्ति प्रेम-विफलता के कारण अपनी जान दे रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में ऐसे मामले तेजी से बढ़े हैं जो मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता की गंभीर कमी को दर्शाते हैं। मानसिक तनाव और भावनात्मक असंतुलन के चलते हर साल लगभग २०,००० से अधिक युवा अपनी जान ले रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि समय पर सहारा और बातचीत जीवन बचा सकते हैं।
बता दें कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो ने साल २०२३ में हुई मौतों और आत्महत्याओं को लेकर रिपोर्ट जारी कर दी है। एनसीआरबी की इस रिपोर्ट में कई तरह का डेटा सामने आया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में आत्महत्या के कारणों में से एक लव अफेयर भी है। साल २०२३ में लव अफेयर के कारण कुल ८,०१२ लोगों ने आत्महत्या की है। साल दर साल आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस डेटा के अनुसार, साल २०२३ में कुल १,७१,४१८ लोगों ने आत्महत्या की है, जो पिछले साल यानी २०२२ से ४९४ ज्यादा हैं। २०२२ में १,७०,९२४ लोगों ने आत्महत्या की थी।
प्यार में सबसे ज्यादा जान देते हैं यूपी वाले
इसमें उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा ९०६ लोगों ने आत्महत्या की है। लव अफेयर के कारण जान देने वालों में कुछ लोग १८ साल से कम और ६० साल से ज्यादा उम्र के भी हैं।

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