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वाह रे मोदी तेरा खेल…सस्ती दारू, महंगा तेल!.. महंगाई और झूठी कर्जमाफी पर भड़की शिवसेना… केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा जन आक्रोश

 सामना संवाददाता / मुंबई

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बढ़ाई गई बेतहाशा महंगाई, आसमान छूती र्इंधन की कीमतों और राज्य सरकार की कथित ‘फर्जी कर्जमाफी’ के खिलाफ शिवसेना ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। संभाजीनगर के क्रांतिचौक स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने शिवसेना नेता और विधायक अंबादास दानवे के नेतृत्व में ‘महंगाई के अच्छे दिन’ नामक एक प्रचंड और आक्रामक ‘जनआक्रोश आंदोलन’ किया गया। इस दौरान शिवसैनिकों के तीखे तेवरों और भाजपा सरकार विरोधी नारों से पूरा शहर गूंज उठा। आंदोलन की शुरुआत में विधायक अंबादास दानवे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने साइकिल मार्च निकालकर सरकार की नीतियों का मखौल उड़ाया। इसके बाद शिवसैनिकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ अत्यंत आक्रामक नारेबाजी की। ‘मोदी सरकार का करना क्या, नीचे मुंडी ऊपर पैर…’ और ‘सस्ती दारू, महंगा तेल, वाह रे मोदी तेरा खेल!’ जैसे तीखे नारों से प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सीधा प्रहार किया।
बढ़ती महंगाई के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखाई दिया। शिवसेना महिला आघाड़ी की कार्यकर्ताओं ने आंदोलन स्थल पर गैस सिलेंडर की बाकायदा हल्दी-कुंकू और फूल चढ़ाकर आरती उतारी। महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने गैस की कीमतें इतनी बढ़ा दी हैं कि अब सिलेंडर सिर्फ ‘शोपीस’ बनकर रह गया है। इसे खरीदना अब आम जनता के बस की बात नहीं रही। विरोध स्वरूप महिलाओं ने बेलन से थालियां पीटकर सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास किया और डीजे पर महंगाई विरोधी गीतों के साथ तालियां बजाकर रोष प्रकट किया।
सिर पर सिलेंडर उठाकर परिक्रमा और जीआर की होली
आंदोलन के दौरान शिवसैनिकों ने अपने सिर पर भारी-भरकम गैस सिलेंडर उठाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की परिक्रमा की। वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार द्वारा जारी कर्जमाफी के शासनादेश (जीआर) को पूरी तरह ‘छलावा’ और ‘किसानों की आंखों में धूल झोंकनेवाला’ करार देते हुए उसकी सरेआम होली जलाई गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कर्जमाफी नहीं, बल्कि किसानों से जबरन कर्ज वसूली का एक सरकारी हथकंडा है। आंदोलनकारियों ने ‘फर्जी कर्जमाफी रद्द करो, किसानों को पूर्ण कर्जमुक्त करो और भूमि रिकॉर्ड कोरा करो’ के गगनभेदी नारे लगाए।
केंद्र सरकार को भारी कीमत चुकानी होगी!
देश में महंगाई का भस्मासुर आम जनता को लगातार लील रहा है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के बाद अब तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर (१४.२ किलोग्राम) की कीमतों में २९ रुपए की भारी बढ़ोतरी कर आम आदमी की कमर तोड़ दी है। इस ताजा मूल्यवृद्धि से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के घरेलू बजट का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सत्ताधारी दल पर चौतरफा और बेहद तीखा हमला बोला है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा कटाक्ष किया।
रसोई गैस की इस बेलगाम मूल्य वृद्धि पर गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त करते हुए शरद पवार ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है और यह वृद्धि आज किस स्तर पर पहुंच चुकी है, यह पूरा देश देख रहा है। इन जनविरोधी नीतियों का सीधा और घातक असर आम इंसान के चूल्हे-चौके और गृहस्थी पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत में बड़े-बड़े दावे किए थे कि हम महंगाई को नियंत्रण में रख रहे हैं। लेकिन अब साफ हो गया है कि उनके ‘नियंत्रण’ का असली अर्थ ‘जनता को किस्तों में झटका देना’ है। कदम-कदम पर आम जनता को महंगाई का झटका देना ही पीएम मोदी की नीति बन गई है। पवार ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए आगे कहा कि आम जनता इस लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी और इस अंधी महंगाई की भारी राजनीतिक कीमत सत्ताधारियों को सही समय पर चुकानी ही पड़ेगी।
९४० के पार पहुंचा सिलेंडर, जेब पर डाका!
लगातार हो रही मूल्यवृद्धि के कारण अब बिना सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत आसमान छूने लगी हैं। इस बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों में रसोई गैस के दाम इस प्रकार हैं। मुंबई में कीमत ९१२ रुपए से बढ़कर अब ९४१.५० रुपए हो गई है। दिल्ली, देश की राजधानी में अब सिलेंडर ९४२ रुपए का मिलेगा। कोलकाता में कीमतें सर्वाधिक ९६८ रुपए पर पहुंच चुकी हैं। इससे पहले भी ७ मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में ६० रुपए की एकमुश्त भारी वृद्धि की गई थी।

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