उल्का गुप्ता ने अपने अभिनय और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है। हाल ही में उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि बचपन में उन्हें सांवले रंग की वजह से कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा। उल्का ने कहा कि मैंने छोटी उम्र में सोच लिया था कि मैं एक्ट्रेस बनूंगी और मैं ऑडिशन भी देती थी। उस वक्त यह बहुत अधिक था, आज ये थोड़ा कम हो गया है। लेकिन बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट मैंने जो चीज सबसे ज्यादा फेस की वो था रंग को लेकर भेदभाव। उन्होंने कहा, मेरे सांवले रंग को लेकर मुझे बहुत रिजेक्ट किया जाता था। मुझे लगता है एक छोटी उम्र में या कभी भी किसी के साथ किसी के लुक या कलर को लेकर इस तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उल्का ने बताया कि उनके पिता गगन गुप्ता हमेशा उनका हौसला बढ़ाते थे। वह कहते थे कि मां काली की शक्ति और आत्मविश्वास को अपनाओ और अपने काम पर ध्यान दो। इसी सीख ने उल्का को मजबूत बनाया। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार ऑडिशन देती रहीं। आज वह अपने सपनों को जी रही हैं और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।
