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आपने खरीदी कार… आपका ही पैसा सरकार कर रही ‘पार्क’! …यह है मोदी सरकार का एक फीसदी टीसीएस

राजन पारकर / मुंबई
अरे भाई, मुंबई में कार लेने जाओ और कीमत १० लाख से ऊपर हो, तो बिल में एक झकास आइटम दिखता है, एक फीसदी टीसीएस। तब दिल में पहला सवाल उठता है, ‘ये कौन-सा नया टैक्स ठोका गया है?’ जरा ठहरो भाई! ये नया टैक्स नहीं, ये आपके ही इनकम टैक्स का एडवांस पेमेंट है। सरकार बस इसे पहले ले लेती है और आईटीआर भरते समय पूरा पैसा वापस या टैक्स में एडजस्ट हो जाता है। आखिर ये है क्या बला?
दरअसल, सरकार का सिंपल नियम है, ‘इतनी महंगी कार खरीद रहे हो? ठीक है! थोड़ा-बहुत टैक्स पहले दे दो, बाद में हिसाब बराबर।’ १० लाख से ऊपर की कार, टीसीएस, सिर्फ १ फीसदी। ये टैक्स नहीं, ये आपके टैक्स का एडवांस हिस्सा। शोरूम वाले यह १ फीसदी आपकी तरफ से सीधे सरकार को जमा कर देते हैं, आपके पैन पर लिंक होकर। आपका पैसा कहां दिखता है? आपके फॉर्म २६एएस एआईएस टीआईएस इन सभी में यह टीसीएस साफ नजर आता है। आईटीआर भरते वक्त यह पैसा पूरी तरह एडजस्ट होता है। अगर टैक्स बचा ही नहीं तो यह १ फीसदी पूरा का पूरा बैंक खाते में रिफंड।

जब वापस ही करना है
तो फिर लिया क्यों?
-कार खरीदारों के गले का हार ‘टीसीएस’

कार खरीदनेवालों से मोदी सरकार एडवांस टैक्स वसूल रही है। इसे कहते हैं टीसीएस। कार की कीमत का एक फीसदी टीसीएस लगता है। वैसे सरकारी नियम के तहत इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त इसे क्लेम करने पर यह वापस मिल जाता है। बोले तो रिफंड। अब सवाल है कि जब वापस ही करना है तो फिर लिया क्यों?
अब इनका गणित देखिए। मान लीजिए कार की कीमत है १२,००,००० रुपए। इसका टीसीएस १ फीसदी होता है १२,००० रुपए। टैक्स बनता है १२,००० रुपए। अब यदि एडजस्ट टैक्स न बन रहा हो तो यह १२,००० पूरा रिफंड। सरल भाषा में, ‘सरकार ने आपका पैसा लिया जरूर, पर वापस भी करती है।’ जनता की सबसे बड़ी गलतफहमी ‘ये १ फीसदी सरकार की नई उगाही है।’ सच्चाई, ये उगाही नहीं, आपका ही एडवांस टैक्स है। सरकार का कहना है कि उसका असली इरादा, बड़े लेन-देन पर निगरानी, टैक्स चोरी रोकना, सिस्टम को पारदर्शी बनाना है बस, इसी के लिए टीसीएस रखा गया है। इसमें आपकी जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। कार खरीदना आसान नहीं। ईएमआई अलग, पार्विंâग की टेंशन अलग, ट्रैफिक अलग। ऊपर से एक फीसदी टीसीएस देखकर दिल बैठ जाता है। लेकिन भाई टेंशन मत लो, यह एक्स्ट्रा टैक्स नहीं, यह नई उगाही नहीं, यह आपका ही एडवांस टैक्स, और आईटीआर में पूरी रकम वापस या एडजस्ट। इसलिए अगली बार कार लेते समय याद रखना, ‘१ फीसदी टीसीएस से सरकार आपका पैसा नहीं खा रही। बस थोड़ा-सा ‘मुंबई स्टाइल’ में पार्क करके रख रही है!’

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