मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अतिसंवेदनशील सिद्धार्थनगर जिले में स्थित फागू शाह की 105 वर्ष पुरानी मजार ध्वस्त कर दिया गया। मंगलवार सुबह प्रशासन व पुलिस की टीम ने बुलडोजर से इस मजार को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान एडीएम गौरव श्रीवास्तव, एसपी प्रशांत कुमार समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।बताते हैं कि यह मजार चारागाह की जमीन पर करीब 105 वर्ष पहले बनाई गई थी। यहां प्रत्येक गुरुवार को मेला लगता था। इसमें हिंदू, मुसलमान दोनों धर्म के लोग अपनी मुरादों को पूरा करने की लिए पहुंचते थे और चादर चढ़ाते थे।
बीते 26 जून को डुमरियागंज के पूर्व बीजेपी विधायक ने इस मजार पर धन उगाही का आरोप लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी, जिसके बाद प्रशासन ने मजार पर लगने वाले मेले पर रोक लगा दी। साथ ही वहां चादर आदि चढ़ाने पर भी रोक लगा दी। अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी हुआ था, मगर कब्जा नहीं हटा। इसके बाद मंगलवार की सुबह लगभग 5 बजे कई थानों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कई बुलडोजर के साथ पहुंचे और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी। इस दौरान लगभग एक किलोमीटर की दूरी से ही पुलिस मजार तक जाने वाले रास्तों पर खड़ी होकर लोगों को रोक रही थी।
इस संदर्भ में डीएम सिद्धार्थनगर, डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि थाना डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चौखड़ा गांव का मामला है, जहां 105 साल पुरानी एक मजार थी। ये पशुचर की जमीन पर स्थापित है। इसको लेकर पहले एक विवाद हुआ था। इस विवाद को सुलझाने के लिए धारा 144 की कार्रवाई की गई। चारागाह की जमीन होने के कारण तहसीलदार के द्वारा फिर धारा-67 की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद आदेश भी पारित किया गया. बावजूद उसके जमीन कब्जा मुक्त नहीं किया गया।ऐसे में आज सुबह 5:00 बजे पीएसी व पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर और बल का उपयोग करते हुए उसे कब्जा मुक्त कराया। ला एंड आर्डर की समस्या नहीं है। स्थिति सामान्य है। मौके पर किसी प्रकार का विरोध नहींन हुआ, ना ही कोई झड़प हुई। कुछ ही घंटों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
