सामना संवाददाता / मुंबई
महिलाओं की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाले भोंदू बाबा अशोक खरात प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने राज्य सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में महिलाओं के शोषण और बड़े आर्थिक लेन-देन के आरोप सामने आए हैं, लेकिन दोषी मंत्रियों और अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। पटोले ने सवाल उठाया कि जब राज्य में आर्थिक अपराध शाखा जैसी एजेंसियां मौजूद हैं तो जांच ईडी को क्यों सौंपी गई? इससे सरकार की मंशा पर संदेह पैदा होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में धर्म और आस्था के नाम पर अंधविश्वास और ढोंगी बाबाओं का जाल पैâलता जा रहा है। नासिक के एसएसके होटल प्रकरण और अशोक खरात मामले के बीच संबंध होने की आशंका जताते हुए पटोले ने कहा कि यदि सरकार समय रहते कार्रवाई करती तो कई महिलाओं को बचाया जा सकता था। राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। पुणे जिले के नसरापुर में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हर ५३ मिनट में महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार हो रहा है, जो बेहद गंभीर स्थिति है।
नाना पटोले ने पीएम मोदी की अपील पर भी तंज कसते हुए मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य के कई मंत्री गुवाहाटी दौरे पर गए हुए हैं और सत्ता में बैठे लोग खुद आलीशान जीवन जीते हुए जनता को त्याग और मितव्ययिता का संदेश दे रहे हैं।
