राधेश्य सिंह / पालघर
संकट की घड़ी में जीवन रक्षक बनकर सामने आने वाली १०८ एम्बुलेंस सेवा पालघर जिले में पिछले ११ वर्षों से लगातार कार्यरत है। १ मार्च २०१४ को शुरू हुई यह सेवा शुरुआत में ठाणे जिले के अधीन थी, लेकिन १ अगस्त २०१४ को पालघर जिला गठन के बाद इसे पालघर जिले को सौंपा गया। तब से लेकर अब तक इस सेवा के माध्यम से २६८,६१९ मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सेवा के अंतर्गत सबसे अधिक करीब ४९ हजार गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाया गया है। इतना ही नहीं,१४८६ महिलाओं की डिलीवरी सीधे एम्बुलेंस में ही करवाई गई है,वहीं ३९ गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रहते हुए भी समय पर अस्पताल पहुंचाने में सफलता मिली है। वर्तमान में जिले में कुल २९ एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं,जिन्हें चलाने के लिए ६० प्रशिक्षित चालक कार्यरत हैं। वसई-विरार क्षेत्र में सर्वाधिक ६ एम्बुलेंस, पालघर तालुका में ५,जबकि डहाणू, जव्हार, मोखाडा, तलासरी,विक्रमगड और वाडा इन प्रत्येक तालुकों में ३-३ एम्बुलेंस सेवाएं दे रही हैं। १०८ सेवा के तहत एम्बुलेंस औसतन १० मिनट से आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर पहुंचने में सक्षम है, लेकिन जिले के दुर्गम भागों में सड़कें खराब होने, ट्रैफिक जाम और गड्ढों जैसी समस्याओं के कारण कभी-कभी मरीजों को मुंबई,नाशिक या वलसाड ले जाते समय विलंब होता है,जिससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला शल्य चिकित्सक डॉ.रामदास मराड ने शासन से जिले को अतिरिक्त ७२ एम्बुलेंस और प्रत्येक एम्बुलेंस में दो डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है। १०८ सेवा के माध्यम से अब तक विभिन्न प्रकार के कुल १२ मेडिकल इमर्जेंसी केस में सेवा दी गई है। इनमें दुर्घटना के ९६३९, मारपीट के ११३५, जलने के ७५३, हृदयविकार के २०९५, गिरने के ४७१६, विषबाधा के ५९२३, बिजली के झटके के ७६,गंभीर चोट (पॉलीट्रॉमा) के ७६८१, आत्महत्या या प्रयास के १७२, अन्य बीमारियों के १६८४०४, प्रसूति से संबंधित ४९२४८ और अन्य के १८७७७ मामले शामिल हैं। १०८ सेवा से जुड़े सह जिला प्रबंधक अमित वडे का कहना है कि, ‘हम २९ एम्बुलेंस के जरिये सेवा देने का प्रयास कर रहे हैं। कभी-कभी तकनीकी या भौगोलिक समस्याओं के कारण सेवा में विलंब होता है,लेकिन ऐसी स्थिति में हम दूसरी एम्बुलेंस भेजकर मरीज की जान बचाने की कोशिश करते हैं।’ १०८ एम्बुलेंस सेवा आज न सिर्फ मरीजों के लिए एक भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है,बल्कि जिले के स्वास्थ्य तंत्र का मजबूत स्तंभ भी साबित हो रही है।
