सामना संवाददाता / मुंबई
`वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को पश्चिम रेलवे मुख्यालय, चर्चगेट में गीत का पूर्ण संस्करण सामूहिक रूप से गाया गया। यह आयोजन देशभर में एक साथ आयोजित मुख्य समारोह का हिस्सा था।
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे भवन परिसर में राष्ट्रीय एकता, सम्मान और गर्व का वातावरण देखने को मिला। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि मुख्यालय सहित सभी मंडलों, इकाइयों और कारखानों में भी इसी क्रम में “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया। यह आयोजन देश में एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत करने का प्रतीक है।
बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित “वंदे मातरम्” को 7 नवंबर 1875 यानी अक्षय नवमी के दिन लिखा गया था। पहली बार इसे साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में उपन्यास आनंदमठ के एक भाग के रूप में प्रकाशित किया गया था। आजादी के आंदोलन से लेकर आज तक यह गीत भारत की एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक रहा है।
इस अवसर पर पश्चिम रेलवे ने राष्ट्र के प्रति अपने सेवा, समर्पण और देशभक्ति की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि “एक गीत, एक राष्ट्र, एक भावना वंदे मातरम हम सबको जोड़ता है।
