मुख्यपृष्ठनए समाचारभूख और ठंड से मर गईं ५० गायें

भूख और ठंड से मर गईं ५० गायें

-चंडीगढ़ में मचा हड़कंप…पशु डॉक्टर सहित पूरा स्टाफ सस्पेंड

चंडीगढ़, रायपुर कलां गोशाला के साथ बने पशु शव निस्तारण केंद्र में ५० से अधिक गायों के शव बुरी हालत में मिलने से हड़कंप मच गया। बहुत से शवों से आंख, खुर और सींग जैसे अंग गायब मिलने पर तस्करी के आरोपों से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सूचना मिलते ही पूरे शहर में सनसनी फैल गई। राजनीतिक नेताओं से लेकर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पशु शव निस्तारण केंद्र और गोशाला पहुंचकर हंगामा किया। प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए गंभीर आरोप लगाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसी निशांत कुमार यादव, निगम कमिश्नर अमित कुमार, मेयर हरप्रीत कौर बबला और एसएसपी कंवरजीत कौर भी मौके पर पहुंचे। डीसी निशांत ने पूरे मामले की जानकारी लेकर एडीशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के अधीनस्थ मजिस्ट्रियल इंक्वायरी के आदेश दिए। जांच जल्द पूरी कर सात दिनों के अंदर रिपोर्ट देनी होगी।
इन पर गिरी गाज
नगर निगम ने इस मामले में मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (एमओएच) डॉ. इंदरदीप कौर और वैâटल पाउंड रायपुर कला के इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार को निलंबित कर दिया है। साथ ही गोशाला में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जिनमें पशु चिकित्सक डॉ. रविंदर सिंह धालीवाल, सेनेटरी इंस्पेक्टर रामलाल सिंह, सुपरवाइजर लवली और अन्य मल्टी टास्किंग स्टाफ शामिल हैं। मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सप्ताह से खराब थी शव दाह केंद्र की मशीन
१२ सितंबर २०२५ को इस प्लांट का उद्घाटन मेयर हरप्रीत कौर बबला ने किया था। डिजाइन और निर्माण के आधार पर निर्मित इस संयंत्र में इसकी निरंतर दक्षता और रख-रखाव सुनिश्चित करने के लिए पांच वर्षीय वार्षिक रख-रखाव अनुबंध (एएमसी) भी शामिल किया था। १.७९ करोड़ रुपए पूरे प्लांट पर खर्च किए गए थे। तीन महीने पहले शुरू हुए प्लांट की मशीन सप्ताह भर से खराब बताई जा रही है। जिस वजह से केंद्र में शवों के ढेर लग गए। सनातन टास्क फोर्स संस्था को शवों के इकट्ठा होने की सूचना मिली तो उन्होंने पूरे मामले का खुलासा किया।

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