– एक किमी सड़क के लिए १२४ करोड़ रुपए ज्यादा खर्च
-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राजू शेट्टी ने घेरा
रामदिनेश यादव / मुंबई
शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना को लेकर भाजपा सरकार एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। सरकार पर आरोप है कि इस महामार्ग पर देव-देवताओं के नाम पर जनता को गुमराह कर ६० हजार करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। देव-देवता के लिए यह सब किया जा रहा है। इस मामले में पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने इस परियोजना को जनता पर आर्थिक आतंक बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है।
शेट्टी ने परियोजना की लागत पर सवाल उठाते हुए कहा कि शक्तिपीठ महामार्ग के लिए ८०३ किलोमीटर की लंबाई पर १ लाख करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है, यानी प्रति किलोमीटर १२४ करोड़ रुपए से अधिक।
९० वर्षों तक टोल का बोझ!
महायुति सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है। ताजा मामला शक्तिपीठ परियोजना है। इस पर इतना ज्यादा पैसा खर्च किया जा रहा है कि ९० वर्षों तक जनता के सिर पर टोल का बोझ रहेगा। महायुति सरकार पर यह आरोप पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने लगाया है।
राजू शेट्टी ने कहा कि जब रत्नागिरी से नागपुर तक राष्ट्रीय महामार्ग पहले से मौजूद है, तब उसी के समानांतर शक्तिपीठ महामार्ग बनाना पूरी तरह अव्यवहारिक और घातक है। यह परियोजना न केवल दोनों महामार्गों को घाटे में डालेगी, बल्कि राज्य पर भारी आर्थिक बोझ लादेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस महामार्ग के लिए अगले ९० वर्षों तक जनता पर टोल का बोझ थोपा जाएगा और महाराष्ट्र को कर्ज की दलदल में धकेल देगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नासिक से अक्कलकोट तक ३७४ किलोमीटर के ग्रीनफील्ड महामार्ग के लिए १९,१४२ करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, जिसमें प्रति किलोमीटर खर्च लगभग ५१ करोड़ रुपए है, लेकिन शक्तिपीठ महामार्ग के लिए ८०३ किलोमीटर की लंबाई पर १ लाख करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है।
लूट का बोझ जनता क्यों उठाए?
जब दोनों महामार्ग छह लेन के हैं, तो शक्तिपीठ महामार्ग पर प्रति किलोमीटर इतना अधिक खर्च क्यों? इस लूट का बोझ महाराष्ट्र की जनता ही क्यों उठाए?
