-विधायक नितिन देशमुख गिरफ्तार, पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प सामना संवाददाता / वाशिम
अकालग्रस्त किसानों को बिना किसी शर्त प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता राशि प्रदान करने की मांग को लेकर शिवसेना की ओर से वाशिम में एक जोरदार आंदोलन किया गया। हजारों शिवसैनिकों और पीड़ित किसानों ने एकजुट होकर समृद्धि महामार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे अकोला-आर्णी मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हाथों में भगवा झंडा थामे आंदोलनकारियों के अत्यंत आक्रामक रुख के कारण पूरे महामार्ग पर भगवा तूफान जैसा माहौल बन गया।
राज्य में पड़े भीषण सूखे के कारण किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह सूखकर नष्ट हो चुकी हैं और किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। किसानों का स्पष्ट आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा इस संकट की घड़ी में बड़ी मदद देने के बजाय मामूली राहत देकर उनके साथ मजाक किया गया है।
इसी व्यापक जन-असंतोष के चलते शिवसेना विधायक नितिन देशमुख के नेतृत्व में हजारों लोग वाशिम के वनोजा-शेलू बाजार परिसर में एकत्र हुए और वहां से जबरन समृद्धि महामार्ग पर चढ़ गए।
प्रशासन ने इस आंदोलन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस ने पहले ही आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और करीब ४०० शिवसैनिकों को कानूनी नोटिस जारी किए थे। समृद्धि महामार्ग से ६०० से ७०० मीटर की दूरी पर भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
वाशिम की सीमा पर वाहनों को रोकने और बैरिकेड्स लगाने के बावजूद आंदोलनकारी पीछे नहीं हटे। जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को महामार्ग पर आगे बढ़ने से रोका, तो माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा आंदोलनकारियों के बीच भारी झड़प हो गई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। अंततः पुलिस ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विधायक नितिन देशमुख समेत कई शिवसैनिकों को गिरफ्तार कर लिया, फिर भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
