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७० लाख के पुल निर्माण में लगे ७ करोड़…भाजपा से बड़ी भ्रष्टाचारी पार्टी कौन?.. अजीत पवार ने खोल दी पोल

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप की आंधी चल पड़ी है। उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने भाजपा के शासन काल पर सीधा हमला बोलते हुए पुणे जिले की दोनों महानगरपालिकाओं में भारी भ्रष्टाचार का आरोप दोहराया है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि भाजपा से बड़ी भ्रष्टाचारी पार्टी कौन है? वहीं दूसरी ओर महायुति के भीतर भी दरारें खुलकर सामने आ रही हैं और विरोधी खेमे की ओर से तीखे शब्दों में हमले किए जा रहे हैं।
पुणे में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में अजीत पवार ने कहा कि भाजपा के शासन काल में महानगरपालिका में हुकुमशाही और गलत कामों का बोलबाला रहा। अधिकारियों से जबरन गलत फाइलों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसके चलते कई अधिकारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने को मजबूर हुए। पवार ने २०१७ का जिक्र करते हुए कहा कि तब गलत बटन दब गया था, अब वह गलती दोहराई नहीं जानी चाहिए। उन्होंने भोसरी क्षेत्र में शीतलबाग पैदल पुल का उदाहरण देते हुए सवाल खड़ा किया कि जो काम शुरुआत में ७० लाख रुपए में तय हुआ, वही पूरा होते-होते ७ करोड़ रुपए तक वैâसे पहुंच गया? उस पुल से एक आदमी भी नहीं गुजरता, फिर किसका भला हुआ? ऐसा तीखा सवाल पूछते हुए पवार ने भाजपा के स्थानीय विधायकों से सत्ता छीन लेने की अपील की।
गणेश नाईक को घेरा
इसी बीच शिंदे गुट के एक नेता ने आरोप लगाया कि नगरविकास मंत्री होने के बावजूद एकनाथ शिंदे को दरकिनार कर कुछ विकास कार्यों का उद्घाटन करने की कोशिश की गई, इससे महायुति के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। उधर, नई मुंबई को लेकर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भाजपा नेता गणेश नाईक पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि शहर में वर्षों से चले आ रहे ‘एक परिवार के राज’ को अब खत्म किया जाएगा। एक ओर भाजपा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, दूसरी ओर महायुति के भीतर असंतोष और विपक्ष का आक्रामक रुख, महाराष्ट्र की राजनीति में माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। आने वाले चुनावों से पहले यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दे रहा है।

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