-मनपा ने ७०६ पेड़ों की सूची लगाई, ३१५ पर चलेगी कुल्हाड़ी
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में गुलाबी तुरही पेड़ों की खूबसूरती अब मौत की घोषणा सुन रही है, क्योंकि घाटकोपर से ठाणे तक बनने वाली २,६८२ करोड़ रुपए की एलिवेटेड सड़क के लिए ७०० पेड़ ‘कुर्बान’ किए जाने वाले हैं। इसके लिए मुंबई मनपा ने ७०६ पेड़ों की सूची तैयार की है, जिनमें से ३१५ पर जल्द ही कुल्हाड़ी चलाने की तैयारी कर ली गई है। ऐसे में शहर की प्रकृति कीमत चुकाने को मजबूर है, जबकि मुंबईकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक हरियाली बचाने की मुहिम तेज कर रहे हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता गुस्से में हैं और उनका कहना है कि ४,००० प्रोजेक्टों के नाम पर अब तक लाखों पेड़ पहले ही मारे जा चुके हैं। इसी कड़ी में अब मुंबई एक और ‘हरित हत्या’ नहीं सहेगा।
उल्लेखनीय है कि सर्दियों के दौरान ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से घाटकोपर और ठाणे के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को विक्रोली के पास सड़क के दोनों ओर पेड़ों पर बड़ी संख्या में खिलते गुलाबी फूलों का सुंदर दृश्य देखने को मिलता है। आमतौर पर रोजी ट्रम्पेट के नाम से पहचाने जाने वाली ताबेबुइया रोजिया पेड़ में साल में एक बार गुलाबी फूल खिलता है और जापान के चेरी ब्लॉसम पेड़ों का एहसास कराता है। सर्दियों के दौरान ये पेड़ इस मार्ग पर आने-जाने वालों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। हालांकि, घाटकोपर और ठाणे के बीच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के २,६८२ करोड़ रुपए के एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए इन पेड़ों को काटने का प्रस्ताव है। पर्यावरणविदों ने इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को हटाए जाने पर नाराजगी जताई है। साथ ही मुंबईकरों ने ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के किनारे लगे ७०० से ज्यादा पेड़ों को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
काटने या पुनररोपण के लिए हुई
७०६ पेड़ों की पहचान
मुंबईकरों को जल्द ही इन गुलाबी पेड़ों के दर्शन की कमी महसूस हो सकती है, क्योंकि मनपा द्वारा ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे से सटे लगभग ७०६ पेड़ों में शामिल इन पेड़ों को काटा जा सकता है, ताकि घाटकोपर के छेड़ा नगर को ठाणे के आनंद नगर को जोड़नेवाली एमएमआरडीए की लगभग १३ किलोमीटर लंबी तीन लेन वाली एलिवेटेड सड़क बनाई जा सके, जिस पर २,६८२ करोड़ रुपए की लागत आएगी। मनपा ने एन वार्ड, टी वार्ड और एस वार्ड में लगभग ७०६ पेड़ों की पहचान की है और उन पर नोटिस लगाकर नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।
