अनिल मिश्र /पटना
बिहार में अगर इस बार इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है, तो राजस्थान के तर्ज़ पर राज्य के हर परिवार को ₹25 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा। यह घोषणा बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो. विजय कुमार मिट्ठू ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर की।
प्रो. मिट्ठू ने बताया कि यह योजना “मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना” के नाम से लागू की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत न सिर्फ अस्पताल में इलाज, बल्कि जाँच और दवाइयाँ भी पूरी तरह निःशुल्क और कैशलेस होंगी। उन्होंने कहा कि यह योजना राजस्थान मॉडल से प्रेरित है और इसका लाभ राज्य के प्रत्येक परिवार को मिलेगा।
इस अवसर पर उनके साथ मौजूद अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं — पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, प्रद्युम्न दुबे, विपिन बिहारी सिन्हा, कुंदन कुमार, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल कुमार, कुमार गौरव तन्नी, मोहम्मद शमीम आलम, और मुन्ना मांझी — ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस बिहार की जनता के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य बीमा के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी तेलंगाना के आरक्षण मॉडल और कर्नाटक की ‘नारी सम्मान योजना’ को भी बिहार में लागू करेगी। आरक्षण सीमा बढ़ाने के साथ ही “माई बहिन मान योजना” के तहत 18 वर्ष से 60 वर्ष तक की महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए घर-घर जाकर रजिस्ट्रेशन अभियान भी चलाया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य बिहार की 14 करोड़ जनता की सभी समस्याओं का समाधान करना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा जैसे सभी मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रो. मिट्ठू ने कहा, “हमारा वादा है कि जब बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी, तब हर गरीब, हर महिला, हर बीमार और जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं से सीधा लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा योजना उसी वादे की एक मजबूत कड़ी है।” बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की इस घोषणा ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन वादों को कितना गंभीरता से लेती है और राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
