राधेश्याम सिंह | वसई
वसई-विरार शहर महानगरपालिका के वैद्यकीय आरोग्य विभाग ने नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए दवा सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह कदम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनपा को औषधि आपूर्ति ई-निविदा (E-tender) प्रणाली के माध्यम से की जाती है। हाल ही में राज्य के कुछ सरकारी और अर्ध-सरकारी अस्पतालों में नकली दवाएं पाए जाने की घटनाओं के बाद वसई-विरार मनपा ने भी अपने अस्पतालों में वितरित की गई दवाओं की गुणवत्ता की जांच शुरू की थी।
इस दौरान सेफिक्साइम आईपी 200 एमजी टैबलेट की गुणवत्ता रिपोर्ट असंतोषजनक पाई गई। यह दवा नालासोपारा की दवा कंपनी द्वारा आपूर्ति की गई थी। सप्लायर की ओर से GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) सर्टिफिकेट और गुणवत्ता रिपोर्ट भी जमा की गई थी, लेकिन प्रयोगशाला परीक्षण में दवा मानकों पर खरी नहीं उतरी।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए मनपा प्रशासन ने दवा आपूर्ति कंपनी को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालते हुए उसके द्वारा भविष्य में किसी भी प्रकार की दवा आपूर्ति पर पूर्ण रोक लगा दी है। साथ ही औषध निरीक्षक, पालघर द्वारा 6 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। मनपा की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मनपा प्रशासन ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि फिलहाल वसई-विरार क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों, माता-बाल संगोपन केंद्रों, नागरी आरोग्य केंद्रों, आयुष्मान केंद्रों और ‘आपला दवाखाना’ में दी जा रही दवाएं सुरक्षित और प्रभावी हैं। आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
