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कम छात्रों वाले बेसिक स्कूलों के खात्मे पर कांग्रेसी नाराज, सड़क पर उतरे

•योगी सरकार की पेयरिंग नीति पर विवाद गहराया

विक्रम सिंह / सुल्तानपुर
यूपी में कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर नजदीकी स्कूलों में विलीन करने के सरकारी फैसले पर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस ने गुरुवार को सुल्तानपुर जिले में बड़ा प्रदर्शन कर योगी सरकार पर तगड़ा हमला किया। पार्टी जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पहले मार्च निकाला और फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। पार्टी जिलाध्यक्ष राणा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीब दलित पिछड़े और वंचित समाज के बच्चों को अनपढ़ रखने की साजिश रच रही है। शिक्षा का अधिकार कानून खत्म कर गरीबों को शिक्षा से वंचित करने का अभियान चलाया जा रहा है। वहीं शराब की दुकानों में बेतहाशा वृद्धि कर समाज को नशाखोर बनाने की साजिश की जा रही है। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि शिक्षा हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और उसे संरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी ने शिक्षा का अधिकार कानून लाकर कमजोर वर्गों को शिक्षित करने का रास्ता खोला था जिसे भाजपा खत्म करने पर तुली है।

कांग्रेस को भाजपा के ‘चंदन’ का जवाब !

कांग्रेसी तरकश से निकले आरोपों के तीर का भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह ने जवाब दिया है। उन्होंने योगी सरकार के स्टैंड का बचाव करते हुए कहा कि,कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में विलय से शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और संसाधनों के अपव्यय को रोकने में मददगार होगा।

सिंह ने बताया कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में सरकारी प्रयासों के बावजूद बच्चों और अभिभावकों की रुचि कम होती जा रही है। इसी कारण विद्यालयों के विलय की आवश्यकता महसूस की गई है। उन्होंने यूपी की शराब नीति की भी तारीफ की और कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा, अवैध भट्ठियों और अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई की है और पूर्ववर्ती सरकारों के समय से चल रहे इस अवैध धंधे को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।

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