-१३,४५७ मध्यम कुपोषित
-२,८८७ अति कुपोषित
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा ने डबल इंजिन की सरकार आने के बाद राज्य को खुशहाल बनाने का वादा किया था, जबकि हकीकत इसके विपरीत है। हालत यह है कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बच्चों को भरपेट भोजन भी नहीं मिल रहा है। मुंबई में इस वक्त १६,३४४ कुपोषित बच्चे हैं। इनमें से २,८८७ बच्चे अति गंभीर रूप से कुपोषित हैं, वहीं १३,४५७ बच्चे मध्यम श्रेणी के कुपोषित हैं। ये बात किसी और ने नहीं बल्कि खुद ‘ईडी’ २.० सरकार ने कल सदन में स्वीकार की। सरकार की इस कबूली ने खुद इस सरकार के तमाम विकास और खुशहाल देश के दावों की हवा निकाल दी है।
कुपोषण की चपेट में महाराष्ट्र!
महाराष्ट्र में कुपोषण तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में कुल १,८२,४४३ कुपोषित बच्चे पाए गए हैं। इनमें से ३०,८०० बच्चे गंभीर तीव्र कुपोषण की श्रेणी में आते हैं, जबकि १,५१,६४३ बच्चे मध्यम कुपोषण की श्रेणी में हैं। यह जानकारी राज्य सरकार ने कल विधानसभा में एक लिखित उत्तर में स्वीकार की है। महिला व बाल विकास विभाग ने यह चौंकाने वाली जानकारी दी है।
राज्य में कुपोषण की स्थिति सुधारने के उपायों के संबंध में कांग्रेस के सदस्य विकास ठाकरे व अन्य सदस्यों ने तारांकित प्रश्न उठाया था। इसके लिखित उत्तर में महिला व बाल विकास विभाग ने कुपोषित बच्चों के आंकड़े पेश किए। इसमें बताया गया कि राज्य में आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका के लगभग ३,६०२ पद रिक्त हैं। साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षकों के पद भी खाली हैं। लिखित जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू है।
उपनगर में सर्वाधिक कुपोषित
मुंबई मनपा द्वारा ६,०९२ बच्चों की पोषण श्रेणी की जानकारी दर्ज ही नहीं की गई है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि सर्वाधिक कुपोषित बच्चे मुंबई उपनगर में हैं।
