उमेश गुप्ता / वाराणसी
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के चलते ठेला-पटरी व्यापारियों में आक्रोश फैल गया है। कार्रवाई से परेशान होकर शुक्रवार को वाराणसी के कोतवाली जोन अंतर्गत मैदागिन क्षेत्र के सैकड़ों ठेला पटरी व्यापारी परिवार सहित सड़क पर उतर आए और भीख मांगकर विरोध जताया।
बता दे कि पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने हाल ही में गोदौलिया चौराहे पर सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा था कि यदि कोई ठेला या खोपचा लगाकर अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत कुछ व्यापारियों पर पहले ही मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इस सख्ती के चलते फल-सब्जी और खाद्य सामग्री बेचने वाले ठेलेवालों की आजीविका पर संकट मंडरा गया है।
मैदागिन क्षेत्र के ठेला पटरी यूनियन अध्यक्ष राजू शर्मा ने बताया कि, “जब ठेला लगाना भी अपराध हो गया है और गैंगस्टर एक्ट का डर दिखाया जा रहा है, तो हमारे पास भीख मांगने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। आज हम अपने पूरे परिवार के साथ मंदिरों, गलियों और सड़कों पर घूम-घूम कर भीख मांग रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए रु.20,000 से रु.50,000 के स्ट्रीट वेंडर लोन अब कैसे चुकाएंगे, ये समझ नहीं आ रहा। विरोध स्वरूप कई व्यापारियों ने पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लेकर भीख मांगी।
