सामना संवाददाता / ठाणे
मध्य रेल प्रशासन से पूर्व में उपोषण धरना, मोर्चा निकालने व कई बार निवेदन देकर मांग करने के बावजूद दिवा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के लिए लोकल सेवा शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते दिवा स्टेशन के रेल यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर लोकल ट्रेन में सफर करना पड़ रहा है।
इस मांग को लेकर समाजसेविका अश्विनी अमोल केंद्रे ने दिवा स्टेशन (पूर्व) परिसर में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन को महिलाओं और लोकल यात्रियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। दिवा की जनसंख्या 5 लाख से अधिक है।
यहां रहने वाले हजारों लोग रोजाना मुंबई और आस-पास के उपनगरों में रोजी-रोटी के लिए लोकल ट्रेन से सफर करते हैं। सुबह शाम भारी भीड़ के कारण दिवा के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जो लोकल ट्रेनें कल्याण से आती हैं, वो पहले ही खचाखच भरी रहती हैं।
ऐसे हालत में दिवा के यात्रियों को ट्रेन में चढ़ पाना कठिन हो गया है। काम पर पहुंचने की मजबूरी में लोगों को ट्रेन में लटक कर सफर करना पड़ता है। समाजसेविका अश्विनी अमोल केंद्रे ने कहा कि रेलवे प्रशासन व स्थानीय नेता दिवा के यात्रियों की परेशानी को लेकर गंभीर नहीं है।
