राधेश्याम सिंह / वसई
वसई-विरार क्षेत्र में शनिवार रात से शुरू हुई रुक-रुक कर तेज बारिश ने पूरे शहर का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। देर रात से लेकर रविवार तक कभी तेज तो कभी रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते नालासोपारा, वसई और विरार के कई इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति बन गई,जिससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर जलजमाव से यातायात प्रभावित
रविवार दोपहर करीब 3:45 बजे तक नालासोपारा-पूर्व के नागिन दास पाड़ा, विनय नगर, तुलिंज ब्रिज के पास गालानगर सहित कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। जलजमाव के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं पैदल चलने वाले लोग भी कीचड़ और पानी से जूझते नजर आए। जगह-जगह सड़क पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भरने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रही।
बच्चों के लिए बना खतरा, मासूम खेल के पीछे छिपा बड़ा जोखिम
स्थानीय निवासियों के अनुसार,कई जगहों पर बच्चे जलजमाव वाले क्षेत्रों में पानी में खेलते नजर आए। यह दृश्य भले ही मासूमियत भरा था, लेकिन इसके पीछे गंभीर खतरे छिपे हैं — गंदे पानी से संक्रमण, करंट लगने का खतरा या रोड पर पड़े गड्ढों में गिरने जैसी घटनाएं किसी भी समय हो सकती हैं।
अस्पताल पहुंचना बना चुनौती पूर्ण कार्य
सबसे चिंताजनक स्थिति नालासोपारा पूर्व स्थित वसई-विरार महानगरपालिका अस्पताल (विजयनगर ) के पास देखने को मिली, जहां आसपास की सड़कें पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। इससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर साल बारिश के साथ यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन प्रशासन समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं करता। लोगों ने महानगरपालिका से गुहार लगाई है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित पंपिंग और निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि सामान्य जनजीवन बहाल हो सके। वही प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।
