रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
आषाढ़ी एकादशी की पूर्व संध्या पर नायगांव स्थित कर्मवीर भाऊराव पाटील व एस.पी. जूनियर कॉलेज, जूचंद्र के विद्यार्थियों ने एक विशेष वृक्ष दिंडी का आयोजन कर समाज को पर्यावरण संरक्षण और वारकरी परंपरा का सार्थक संदेश दिया।
शनिवार, 5 जुलाई को आयोजित इस दिंडी में सभी विद्यार्थी वारकरी वेशभूषा में, ताल-मृदंग बजाते हुए, “माऊली माऊली”, “ज्ञानोबा-तुकाराम” जैसे अभंगों का कीर्तन करते हुए निकले। रैली ने न केवल धार्मिक भाव को जागृत किया, बल्कि युवाओं के माध्यम से पर्यावरण और अध्यात्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर ह.भ.प. श्रीमती कृपालीताई महाराज पाटिल ने विद्यार्थियों को आषाढ़ी एकादशी का आध्यात्मिक व सामाजिक महत्व समझाते हुए श्रद्धा, अनुशासन और नैतिक संस्कारों का ‘वृक्षारोपण’ करने का प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि “संस्कारों के बीज जितनी जल्दी बोए जाएंगे, उतना ही समाज और प्रकृति के लिए लाभकारी होगा।”
दिंडी के समापन पर विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने यह भी शपथ ली कि वे न केवल पेड़ लगाएंगे, बल्कि उनकी देखभाल भी पूरी निष्ठा से करेंगे।
विद्यालय के प्राचार्य एवं रायगढ़ विभाग के सहायक विभागीय अधिकारी विलासराव जगताप ने सभी पालकों, शिक्षकवृंदों एवं ग्रामवासियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि “इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्य दोनों विकसित होते हैं।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम पाटील ने आयोजन की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों और गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे “भावी पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक प्रयास” बताया।
