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भारतीय सैनिकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में सरेंडर के बाद राहुल गांधी को जमानत

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

राजधानी लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय सैनिकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 20 हजार के मुचलके पर जमानत दी। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान को लेकर दर्ज इस मामले में पहले पांच सुनवाइयों में हाजिर नहीं हुए थे। मंगलवार को उन्होंने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दाखिल की। राहुल गांधी पांच सुनवाइयों में अनुपस्थित रहने के बाद इस बार एडिशनल चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। बता दें कि मई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद वह पेश हुए। यह याचिका उन्होंने मानहानि मामले और लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा फरवरी 2025 में पारित समन आदेश दोनों को चुनौती दी थी।
विदित हो कि सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। उन्होंने बताया था राहुल गांधी 16 दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना का अपमान किया था। उन्होंने 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प का ज़िक्र करते मीडिया और लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे, लेकिन चीनी सैनिकों द्वारा हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक बार भी सवाल नहीं पूछेंगे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों की कथित पिटाई के बारे में गांधी के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय सेना ने आधिकारी बयान भी जारी किया था। सेना ने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रही थी, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जिसके बाद चीनी सेना वापस चली गई।

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