सूफी खान
इजरायल की फौज इस वक्त गाजा में हमास के साथ ही नहीं बल्कि अपने ही सैनिकों के भीतर टूटते मनोबल की जंग लड़ रही है। खबर है कि उत्तरी इजरायल के एक फौजी वैंâप में एक और जवान ने खुद की जान दे दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा में इजरायली आक्रामकता शुरू होने के बाद से कम से कम ४३ इजरायली सैनिक खुद अपने जीवन का अंत कर चुके हैं। इन मौतों को लेकर इजरायली सेना यानी आईडीएफ पर आरोप है कि वो इस बात को छिपा रही है। हालात ये हैं कि कुछ जवानों को बिना सैन्य सम्मान दफनाया गया। अब उनके परिजन सवाल उठा रहे हैं तो इजरायल डिफेंस फोर्स को जवाब देते नहीं बन रहा है।
गाजा की जंग में अब इजरायल बुरी तरह फंस गया है। भले ही पश्चिमी मीडिया इजरायल की जीत या बढ़त जैसी खबरें दिखा रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और दिखती है। इस बार अपने अंतर्मन और दिमाग के प्रेशर से लड़ रहे हैं इजरायल के सैनिक। इजरायल के एक सैन्य अड्डे पर एक और सैनिक ने खुद की जान दे दी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले हफ्ते गाजा से लौटे एक अन्य जवान ने भी मौत को गले लगा लिया था। ये अब सिर्फ कुछ अपवाद नहीं रह गए, बल्कि बड़ा संकेत हैं एक गहरे मानसिक संकट का।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर २०२३ से गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ४३ इजरायली सैनिकों ने खुद का जीवन समाप्त कर लिया है। इनमें से कई जवान वो थे जो सीधे युद्धक्षेत्र से लौटे थे, कुछ वो जो ड्यूटी पर थे। लेकिन जंग का असर उनके भीतर उतर चुका था। चौंकाने वाली बात ये है कि इजरायली सेना यानी आईडीएफ पर इन मामलों को छुपाने के आरोप लग रहे हैं। इसी के साथ एक और मुद्दा उठ रहा है वो है बख्तरबंद गाड़ियों में खामियां। इजरायली सैनिकों के परिजनों का आरोप है कि इन गाड़ियों में सुरक्षा की भारी कमी है, जिसके कारण कई जवानों की जिंदगी समय से पहले खत्म हो गई। अब इजरायली संसद में इस पूरे मामले पर आपात बहस हो रही है।
सैनिक खुद जीना नहीं चाहते
सैनिकों की मानसिक हालत, युद्ध के लंबे प्रभाव और तकनीकी विफलताएं इन सभी सवालों ने सरकार और सेना दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गाजा समर्थक दावा करते हैं कि इजरायल की सेना बाहर से नहीं, अंदर से टूट रही है। जब सैनिक खुद जीवन छोड़ने का पैâसला करने लगें, तो सवाल सिर्फ युद्ध की नीति पर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठते हैं और इस पर भी कि वो गाजा में जो कर रहे हैं क्या उनका मन इसकी गवाही नहीं देता है। क्या गाजा में मजलूमों पर हमले कर अब उनका दिल भी भर आया है। ये कई ऐसे सवाल हैं जिन पर अब चर्चा शुरू हो गई है।
