सगीर अंसारी / मुंबई
मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय खतरनाक अपहरण और रंगदारी वसूलने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में बंधक बनाए गए युवक को करीब एक महीने बाद सुरक्षित छुड़ाया गया, जबकि इस संगठित गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना की शुरुआत 12 जून 2025 को हुई थी, जब जोगेश्वरी-पश्चिम के ओशिवरा इलाके में होटल अलीबाबा के पास से दो व्यक्तियों को जबरन तीन अलग-अलग कारों में बैठाकर अगवा कर लिया गया। आरोपियों ने दोनों को रायगढ़ जिले के एक फार्महाउस में बंधक बनाकर अमानवीय तरीके से मारपीट की और परिवार से मोटी रकम की फिरौती मांगी।
इस सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 जुलाई को ओशिवरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद इसे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रौशन के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें क्राइम ब्रांच की कुल 6 टीमें शामिल थीं।
तकनीकी निगरानी और तगड़ा नेटवर्क
पुलिस टीमों ने आरोपियों की लोकेशन और मूवमेंट का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान पता चला कि यह गैंग अपहरण के बाद मुंबई से रायगढ़, फिर नाशिक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक लगातार बंधक को घुमाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस को यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य पहले से ही महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका), मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, अपहरण और रंगदारी जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए काम करते थे।
उत्तर प्रदेश से लेकर मुंबई तक चली बड़ी कार्रवाई
क्राइम ब्रांच की टीमों ने गुप्त सूचना के आधार पर 15 जुलाई 2025 की रात उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में दबिश देकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं मुंबई और रायगढ़ जिले में दबिश डालकर इस गैंग के अन्य 4 सदस्यों को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई तीन गाड़ियां, कई मोबाइल फोन, डोंगल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किया है।
बंधक की सुरक्षित रिहाई, परिवार को राहत
करीब एक महीने तक बंधक बनाकर अमानवीय यातना देने के बावजूद क्राइम ब्रांच की सतर्कता और मजबूत रणनीति से युवक को सकुशल छुड़ा लिया गया। बंधक बने युवक के परिजन ने मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच का आभार जताया है।
पुलिस अधिकारियों की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रौशन, सहायक पुलिस आयुक्त (मध्य) सुनील चंद्रमोरे और क्राइम ब्रांच की विभिन्न टीमों की सतर्कता और बेहतर तालमेल से संभव हो पाई।
मुंबई क्राइम ब्रांच की इस बड़ी कार्रवाई से न सिर्फ अपहरण और खंडणी वसूलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश हुआ, बल्कि शहर में संगठित अपराध के नेटवर्क को भी तगड़ा झटका लगा है।पुलिस की जांच जारी है और संभावना है कि इस गैंग से जुड़े और भी आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आएंगे।
