सूफी खान
सीरिया में पिछले साल दिसंबर में प्रेसिडेंट बशर अल असद का तख्ता पलट कर हयात तहरीर अल शाम यानी एचटीएस और अबू मोहम्मद जौलानी ने गद्दी तो हासिल कर ली लेकिन पिछले ७ महीनों में सीरिया उनके कंट्रोल से बाहर है। सीरिया इस वक्त एक और गृहयुद्ध की ओर बढ़ गया है, जिनमें इजराइल मुख्य भूमिका निभा सकता है। सीरिया के दक्षिणी प्रांत स्वेदा में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ युद्ध अब एक अंतर्राष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुका है। द्रूज मिलिशिया और सुन्नी बेदोइन समुदायों के बीच पिछले दो दिनों से चली आ रही हिंसा के बीच अब इजरायली सेना की भी एंट्री हो गई है।
अब इजराइली वायुसेना ने सीरियाई सेना के टैंकों और ठिकानों पर उस समय बमबारी की, जब सीरिया के सरकारी सुरक्षाबल सुवैदा शहर में जारी झड़पों को काबू करने पहुंचे थे। इजरायल का आरोप है कि सीरियाई सेना द्रूज समुदाय को निशाना बना रही है और सुन्नी बेदोइन कबीले की खुलेआम मदद कर रही है। इन झड़पों में अब तक करीब १०० लोगों की जान जा चुकी है। आरोप है कि सीरियाई सैनिक पर बेदोइन समुदाय के पक्ष में द्रूज लोगों को मार रहे हैं। जिसके बाद इजरायल ने सख्त प्रतिक्रिया दी। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई द्रूज समुदाय की रक्षा के लिए जरूरी थी, क्योंकि इजराइल और गोलान हाइट्स में बसे द्रूज लोगों के साथ उनके ऐतिहासिक और सामाजिक रिश्ते हैं। गौरतलब है कि सुवैदा सीरिया का वाहिद ऐसा इलाका है, जहां बहुसंख्यक आबादी द्रूज है। ये समुदाय पिछले कुछ वर्षों से न सिर्फ इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ता आया है, बल्कि कई बार असद सरकार से भी टकरा चुका है। सीरिया में इजरायल की बॉर्डर गोलान हाइट्स के करीब रहने वाले द्रूज खुद को मुसलमान कहते हैं। इन्होंने बशर अल असद से गद्दारी कभी नहीं की। लेकिन इजरायल भी इनका सपोर्ट करता हैं। द्रूज एक छोटा लेकिन बेहद अहम जातीय-धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है, जिसकी आबादी लेबनान, सीरिया, इजरायल और जॉर्डन में पैâली है। ये खुद को इस्लाम से जोड़ते हैं, लेकिन ये दोबारा जन्म लेने में यकीन रखते हैं।
सीरिया में फिर लगी नई आग
द्रूज समुदाय और सीरिया समर्थक हथियारबंद लड़ाकों के बीच कुछ माह पहले भी सीरिया में संघर्ष हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने द्रूज समुदाय को महफूज रखने की बात कही थी और सीरियाई गुटों को चेतावनी दी थी कि अगर इस समुदाय को कुछ होता है तो नई सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा। ऐसे में एचटीएस हिमायती बेदोइन कबीले के साथ उनकी लड़ाई और ताजा सूरते हाल बताती हैं कि सीरिया में फिर नई आग लग चुकी है।
