मुख्यपृष्ठस्तंभप्रोजेक्ट पड़ताल : घोड़बंदर रोड की दुर्दशा...प्रशासन और ठेकेदार

प्रोजेक्ट पड़ताल : घोड़बंदर रोड की दुर्दशा…प्रशासन और ठेकेदार

-भ्रष्टाचार में लिप्त! खराब गुणवत्ता को लेकर वाहन चालकों का आरोप

ब्रिजेश पाठक

घोड़बंदर रोड की हालत खस्ता है। कुछ समय पहले `दोपहर का सामना’ ने घोड़बंदर रोड की खस्ता हालत को दिखाया था। हालांकि, अब भी प्रशासन को सुध नहीं है और लोगों को बारिश के मौसम में इस खराब सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। चालकों का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदार दोनों भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिससे हर वर्ष इस रोड का तमाशा बन जाता है।
ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव ने अधिकारियों को घोड़बंदर हाईवे की ठाणे की ओर जाने वाली लेन की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए रैपिड हार्डनिंग कंक्रीट के उपयोग की संभावनाओं की जांच करने का निर्देश दिया है।
यह प्रमुख मार्ग पश्चिमी और पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ता है और मुंबई, नई मुंबई व ठाणे से नासिक, पुणे तथा अमदाबाद हाईवे की ओर जाने वाले मोटर चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
फाउंटन होटल से गायमुख के बीच विशेष रूप से काजू पाड़ा से चेना गांव तक का सड़क का हिस्सा काफी खराब हो गया है, जिससे भारी ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है, जो अक्सर अमदाबाद हाईवे तक पहुंच जाती है। यात्रियों ने बार-बार जाम और कई बार वाहन चालकों द्वारा गलत दिशा में चलने की शिकायतें की हैं, जिससे बोरीवली की ओर जाने वाली लेन भी जाम हो रही है और जाम की स्थिति ठाणे शहर की सीमाओं तक पहुंच रही है।
पूर्व में पीडब्ल्यूडी ने केवल फाउंटन होटल की ओर जाने वाली लेन की मरम्मत की थी, जबकि ठाणे की ओर जाने वाली लेन को बजट और क्षेत्राधिकार की समस्याओं के कारण नजरअंदाज किया गया था, क्योंकि अब यह सड़क एमबीएमसी के अंतर्गत आती है।
अस्थाई उपाय टिकाऊ नहीं
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि घाट की इस सड़क की पूरी तरह मरम्मत की जरूरत है, क्योंकि अस्थाई उपाय टिकाऊ नहीं हैं। रैपिड हार्डनिंग कंक्रीट, जो जल्दी सेट हो जाता है और सड़क को पूरी तरह बंद किए बिना मरम्मत की सुविधा देता है, को नगर आयुक्त राव ने एक प्रभावी समाधान के रूप में प्रस्तावित किया है।
पायलट मरम्मत परियोजना का निर्देश
आयुक्त राव ने स्थानीय पुलिस और ठाणे नगर निगम की टीमों के साथ मिलकर एक पायलट मरम्मत परियोजना शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान, जिसमें टीएमसी, एमबीएमसी, एमएमआरडीए, ट्रैफिक पुलिस और वन विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे। उन लोगों ने कहा, `यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इस पद्धति को पूरे घाट मार्ग पर लागू किया जा सकता है, जिससे ट्रैफिक की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा।’
बोरीवली की ओर का भी ट्रैफिक प्रभावित
गिट्टी और डामर ग्राउटिंग जैसी अस्थायी मरम्मत की कोशिशें की गर्इं, लेकिन भारी बारिश और ट्रैफिक के कारण सड़क की स्थिति और बिगड़ती गई। ट्रैफिक डीसीपी पंकज शिरसाट ने बताया कि यह जाम अक्सर अमदाबाद हाईवे पर चिंचोटी तक पहुंच जाता है और बोरीवली की ओर ट्रैफिक प्रवाह को भी प्रभावित करता है।

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