राजेश सरकार / प्रयागराज
शहर में बिना दवा, प्रिस्क्रिप्शन या लाइसेंस के अवैध रूप से मेफेन्टरमाइन समेत अन्य जहरीले इंजेक्शन बेचने का धंधा जोरों पर है। नशीला इंजेक्शन बेचने के आरोप में हाल ही में नैनी एग्रीकल्चर पुलिस चौकी क्षेत्र में एक को गिरफ्तार कर उसके पास से बड़ी मात्रा में इंजेक्शन जब्त किये गये थे। अपराध शाखा के ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ (एएनटीएफ) और मादक पदार्थ विभाग की टीम नशीली दवाएं और इंजेक्शन बेचने वालों पर बारीक नजर रखती है, लेकिन पुलिस के कुछ मुखबिर इस अवैध कारोबार में खुद ही लिप्त हैं। बिना लाइसेंस के अवैध रूप से इनकी खपत जिम जाने वाले और कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं में किया जाता है। मेफेन्टरमाइन व अन्य नशीले इंजेक्शन बेचने के अवैध कारोबार में करैली, शाहगंज, नुरुल्लाह रोड, खुल्दाबाद, सिविल लाइंस, मेहंदौरी, गोविंद पुर कालोनी, अल्लापुर, दारागंज, झूंसी, नैनी एडीए कॉलोनी स्थित मदर टेरेसा चौराहा के नजदीक पुलिस चौकी के सामने मेडिकल शाॅप का नाम भी शामिल है। जहां बिना दवा और पर्चे के इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। गौरतलब है कि नैनी ही नहीं औद्योगिक क्षेत्र, करछना, घूरपुर में लगातार प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन का कारोबार बढ़ता जा रहा है। शहर के सैकड़ों युवाओं को नशीले इंजेक्शन लेने की लत लगी है। इससे कई घर बर्बाद हो चुके हैं। नशीले इंजेक्शन लेने के शिकार क्षेत्र में कई युवाओं की असमय मृत्यु भी हो चुकी है। कितने दिमागी रूप से बीमार हो गए हैं। एक व्यवसायी के पुत्र के पैर काटने की नौबत आ गई है। उसका पहले से एक हाथ बर्बाद हो चुका है। पिछले दो-तीन साल के अंदर शहर व आसपास के क्षेत्रों की दवा दुकानों में पुलिस-प्रशासन द्वारा लगाम लगाने के बाद भी अवैध कारोबारी नशीले इंजेक्शन की आपूर्ति कर रहे हैं। महज पांच रुपये के इंजेक्शन को नशे के शिकार युवाओं से दो सौ रुपये तक वसूली की जा रही है।
प्रतिदिन नशे के कारोबारी 200 से 300 पीस प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन खपा रहे हैं। बताया गया कि प्रतिबंधित पेंटाजोसिक इंजेक्शन लगाने की लत शहर व आसपास विशेष रूप से नैनी, झूंसी एवं फाफामऊ के सैकड़ों युवकों को लगी है। इसका नशा काफी उत्तेजक होता है। इसको लगाने के बाद युवक गलत काम करने के लिए प्रेरित हो जाता है। इंजेक्शन के नशे के शिकार कई लोगों का घर बिगड़ रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी हानिकारक होता है।
विदित हो कि तीन-चार माह पहले पुलिस ने प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन लगाने व बेचने के मामले में नैनी के एक युवक को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए थे। गिरफ्तार युवक ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले थे। पता चला है कि नशीली इंजेक्शन सप्लाई करने में शहर के कई जरायमपेशा इस कारोबार में लिप्त हैं। प्रति इंजेक्शन दो सौ रुपये में बेचा जाता है। नैनी ही नहीं शहर के शहर में सैकड़ों नवयुवक प्रतिदिन इन लोगों से इंजेक्शन खरीदकर लगाते हैं। मेडिकल कॉलेज सहित क्षेत्र के कई अन्य दवा दुकानों से नशीले इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। पुलिस इन मामलों में आरोपियों को धारा 420 भादवि तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार करती है लेकिन इनको पांच-छः महीने में जमानत मिल जाती है। इस तरह के मामलों में गंभीर धाराएं भी लगानी चाहिए ताकि इसके इस्तेमाल से लोगों का डर बना रहे। वर्तमान में शहर के अलावा फाफामऊ, झूंसी एवं नैनी और आसपास प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन का कारोबार बढ़ गया है। कटरा बाजार, सिविल लाइंस, समेत नैनी एडीए कालोनी, नई बाजार नैनी, सब्जी मंडी नैनी, हनुमान नगर नैनी, टीएसएल रेलवे क्रासिंग नैनी , अंदावा मोड़ झूंसी के इर्द-गिर्द, नैनी छिवकी स्टेशन के आसपास, शंकरढाल, अरैल मोड़, मुखिया नगर अरैल, मसिका मोड़ औद्योगिक क्षेत्र, चकभटाई, महेवा खान चौराहा पर प्रतिबंधित नशीला इंजेक्शन लगाने व बेचने का कारोबार सबसे अधिक हो रहा है। डीसीपी यमुनानगर तथा डीसीपी नगर का कहना है कि प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन का कारोबार गंभीर मामला है। इस दिशा में प्रशासन जांच कर कार्रवाई करेगी। नशीली इंजेक्शन खरीद-बिक्री की सूचना मिलने पर प्रशासन पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी कर कानूनी कार्रवाई करेगी। जो भी इस अवैध धंधे में शामिल होंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
