सामना संवाददाता / मुंबई
वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 2025 पर चुनौती देने वाले पांच याचिकाकर्ताओं में से एक मुहम्मद जमील मर्चेंट ने शिकायत की है कि उन पर जासूसी की जा रही है। मालवणी पुलिस से उचित जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने का आग्रह किया है।
जमील मर्चेंट ने मालवणी पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा की मांग की है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ अज्ञात व्यक्ति मुझ पर, मेरे आवास और मेरे कार्यालय पर नजर रख रहे हैं। इन अज्ञात व्यक्तियों की गतिविधियां रात के समय ज़्यादा होती हैं, जब वे आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखते हैं।
मालवणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को लिखे पत्र में जमील ने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा साफ तौर पर महसूस हो रहा है। मुझे आशंका है कि मेरी जान को खतरा है और कोई मुझे झूठे या मनगढ़ंत मामले में फंसाने की साजिश रच रहा है। ये चल रही संदिग्ध गतिविधियां मुझे या मेरे परिवार के सदस्यों को शारीरिक रूप से या आधिकारिक अधिकारों के दुरुपयोग के जरिए धमकाने या नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश का संकेत देती है। संदिग्ध व्यक्ति उन पर और उनके परिवार के सदस्यों पर नजर रखते हैं।
