मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
न्यायालय में इंसाफ के लिये लंबे इंतजार से ऊब चुका समाज विभत्स मामलों में पुलिस की ठोंको नीति को समर्थन करने लगा। फर्रुखाबाद में 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म कर निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने ढेर कर दिया तो समाज ने इसको नैतिक समर्थन दे दिया। जो कार्रवाई कानूनन उपयुक्त नहीं वह समाज से प्रमाणित हो रही है। अभी तक कहीं से इस काउंटर से खिलाफ आवाज नहीं उठी है। बता दें कि फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में आठ वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में वांछित आरोपी व 50 हजार का इनामी पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया है। पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई थीं। आरोपी का शव मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीती 11 जुलाई की सुबह फर्रुखाबाद से अगवा की गई बच्ची का शव भोगांव थाना क्षेत्र के गांव देवीपुर के एक खेत में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। हालांकि, हत्या कैसे की गई, यह स्पष्ट नहीं हो सका था। डॉक्टरों के पैनल ने आगे की जांच के लिए विसरा और स्लाइड संरक्षित किए थे।
कायमगंज थाना क्षेत्र के एक किसान की आठ वर्ष की बेटी तीन जून को अपनी बुआ के घर मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में घूमने आई थी। शुक्रवार सुबह वह अपनी बुआ की नातिन के साथ टंकी के आगे स्थित आम के बाग में आम खाने गई थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मोहम्मदाबाद थाने में शुक्रवार (11 जुलाई) की रात अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया। शनिवार (12 जुलाई) सुबह करीब 11.30 बजे भोगांव पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम देवीपुर में नहर के पास सर्वेश के खेत में एक बच्ची का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा, क्षेत्राधिकारी सत्यप्रकाश शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। परिजनों का कहना है कि बच्ची की तलाश के दौरान नींवकरोरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक अहम सुराग मिला था। फुटेज से पता चला था कि बच्ची को करीब 50 साल का एक अधेड़ व्यक्ति अपने साथ ले गया था। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति मंदिर के आस-पास खाली बोतलें और कबाड़ उठाता था। पुलिस तभी से इस संदिग्ध की तलाश में जुटी हुई थी, जिसे आज मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया।
