सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेग्लूलेटरी अथॉरिटी (महारेरा) ने अप्रैल के अंत में अंधेरी स्थित कॉस्मोपॉलिस कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी की इमारत की संरचनात्मक रिपोर्ट के अनुसार, तत्काल मरम्मत करने का आदेश दिया था। हालांकि, यह स्पष्ट हो गया है कि दो महीने बाद भी इस आदेश का क्रियान्वयन नहीं हुआ है। अब संबंधित कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी ने महारेरा में पुन: आवेदन किया है। सोसायटी ने मांग की है कि डेवलपर इसकी मरम्मत करे या इसके लिए आवश्यक ७० लाख रुपए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सहित जमा कराए।
कॉस्मोपॉलिस हाउसिंग प्रोजेक्ट के पहले चरण को अक्टूबर २०१७ में आवास योग्य प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था। भूतल, तीन मंजिल, पोडियम और १६ मंजिला इमारत का काम अभी भी अधूरा है और इमारत की छत पर बालकनी जैसा निर्माण है, जो खतरनाक हो गया है। सभी फ्लैटों में रिसाव हो रहा है और रिसाव के कारण इमारत का वेंटिलेशन बंद करना पड़ा है। प्रत्येक मंजिल पर शौचालय में भी रिसाव है।
एडवोकेट सुनील केवलरमानी ने संगठन की ओर से अक्टूबर २०२२ में महारेरा में शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान संस्था ने स्ट्रक्चरल इंजीनियर से इमारत के निर्माण के संबंध में रिपोर्ट मांगी।
मरम्मत का वादा भूला
इस रिपोर्ट में कहा गया कि इमारत को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर संगठन ने डेवलपर कॉसमॉस होम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कानूनी नोटिस जारी किया, जिसके बाद डेवलपर ने इसकी मरम्मत का वादा किया। हालांकि, संगठन का कहना है कि काम अधूरा था इसलिए संगठन ने महारेरा में शिकायत दर्ज कराई।
दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी
इस शिकायत पर अंतिम आदेश देते हुए महारेरा ने डेवलपर को स्ट्रक्चरल रिपोर्ट के अनुसार, मरम्मत करने का आदेश दिया। इस सुनवाई के दौरान डेवलपर की ओर से कोई भी मौजूद नहीं था। महारेरा ने अपने आदेश का पालन न करने पर रेरा अधिनियम की धारा ६३ के अनुसार, दंडात्मक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।
