मुख्यपृष्ठनए समाचारहवाई खतरे पर ‘न्याय’ हुआ मौन!

हवाई खतरे पर ‘न्याय’ हुआ मौन!

– अवैध मांस-मछली बाजार पर दायर याचिका खारिज

-हाई कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई एयरपोर्ट के आस-पास खुलेआम चल रहे मांस और मछली बाजारों पर रोक की मांग करने वाली याचिका पर मुंबई हाई कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यही मुद्दा पहले से दो अन्य मामलों में विचाराधीन है इसलिए इस पर अलग से सुनवाई की जरूरत नहीं।
बता दें कि यह याचिका ‘अखिल भारत कृषि गौसेवा संघ’ द्वारा दायर की गई थी, जिसकी स्थापना स्वयं महात्मा गांधी ने की थी। संगठन ने अदालत से आग्रह किया था कि वह एक निगरानी समिति गठित करे, जो हवाई अड्डों के आस-पास मौजूद अवैध बूचड़खानों और मांस की दुकानों की निगरानी करे और नियमित रिपोर्ट पेश करे।
याचिका में दावा किया गया कि हवाई अड्डों के पास चल रहे मांस और मछली बाजार पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जिससे विमान में पक्षी टकराने (बर्ड हिट) की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। यह विमान सुरक्षा के लिए गंभीर संकट है।
मनपा पर लगाया आरोप
याचिकाकर्ताओं ने विशेष रूप से मनपा पर आरोप लगाया कि उसने २०२४ और २०२५ में बकरीद के दौरान एयरपोर्ट से मात्र २.५ किलोमीटर दूर तक बकरे काटने के लिए सैकड़ों परमिट जारी कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई एफआईआर दर्ज होने और सबूत सामने आने के बावजूद, प्रशासनिक एजेंसियां कार्रवाई करने में नाकाम रहीं। लेकिन अदालत ने साफ कर दिया कि चूंकि इसी मुद्दे पर दो और याचिकाएं पहले से लंबित हैं, इसलिए एक और पीआईएल नहीं स्वीकार की जा सकती।

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