सामना संवाददाता / मुंबई
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में स्वीकार किया कि मुंबईवासियों को अगले दो सालों तक गड्डों में ही सफर करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद २५ सालों तक गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर २०२७ तक मुंबई की सभी सड़कें सीमेंट कंक्रीट की होंगी और मुंबई अगले २५ सालों तक गड्ढों से मुक्त रहेगी। शिंदे महाराष्ट्र विधानमंडल के नियम २९३ के तहत हुई बहस में विधानसभा सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। यह नियम सदस्यों को जनहित के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अधिकार देता है।
शिंदे ने बताया कि पिछली सरकार में (जब वे मुख्यमंत्री थे), अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मैंने तत्कालीन मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल को फोन किया था। शिंदे ने कहा कि हमने मनपा आयुक्त से सड़कों की खराब स्थिति और गुणवत्ता के बारे में पूछा। उन्होंने जवाब दिया कि हर साल ५० किलोमीटर सड़कों का कंक्रीटीकरण किया जाता है। हमने पूछा कि क्या कंक्रीटीकरण की जा सकने वाली सड़कों की लंबाई को सीमित करने वाला कोई नियम है, जिस पर मनपा आयुक्त ने नकारात्मक उत्तर दिया।
पिछली सरकार ने सभी सड़कों का कंक्रीटीकरण दो चरणों में पूरा करने का निर्णय लिया था। शिंदे ने कहा कि कुछ सड़कें पूरी हो चुकी हैं, बाकी दिसंबर २०२७ तक पूरी हो जाएंगी। उपमुख्यमंत्री से आगे सवाल किया गया कि भूमिपुत्रों को मुंबई से क्यों बेदखल किया गया और शहर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। शिंदे ने कहा कि हमारी नीति, बुनियादी ढांचे से जुड़े काम और शहर के विकास का उद्देश्य भूमिपुत्रों को मुंबई वापस लाना है।
फेरीवालों का मामला न्यायालय में विचाराधीन
फेरीवालों के बारे में शिंदे ने कहा कि फेरीवालों का सर्वेक्षण किया गया था और एक लाख में से केवल ३०,००० के पास ही लाइसेंस पाया गया। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सुनवाई पूरी होने के बाद फेरीवालों और गैर-फेरीवालों के लिए क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे।
