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प्रतीक्षानगर डिपो बना भंगार डिपो! …रोजाना खराब होती हैं बेस्ट की दो-चार बसें

-पीक आवर्स में होती है यात्रियों की फजीहत
सामना सवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों की यात्रा के लिए प्रमुख साधनों में से एक मुंबई की बेस्ट सेवा मानी जाती है, लेकिन यह सेवा दिनों-दिन इतनी खराब होती जा रही है कि बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई के प्रतीक्षानगर डिपों से शहर के विभिन्न भागों के लिए बसें छोड़ी जाती है। लेकिन प्रतीक्षानगर डिपो से छूटने वाली बसों में दो-चार बसें प्रतिदिन बीच सड़क में खडी हो जाती हैं। परिणामस्वरूप बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को पीक आवर के दौरान भारी फजीहत का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि कल बुधवार को प्रतीक्षानगर डिपो से निकली बस आधा किमी दूर स्थित माला गार्डन के पास जाकर बंद हो गई, जिसके कारण यात्रियों को दूसरी बस का लंबा इंतजार करना पड़ा। दूसरी बस आने के बाद अपने गंतव्य स्थान के लिए यात्री रवाना हुए। इसके बाद प्रतिक्षानगर डिपो से ही निकली बस नंबर ८८ करीब साढे दस बजे के आसपास वडाला चर्च के पास बंद हो गई।
यात्रियों को दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा। दूसरी बस पीछे से आई तो पहले से लोग भेड़-बकरी की तरह लदे हुए थे। इसी प्रकार प्रतीक्षानगर डिपो से ही निकली बस प्लाजा के पास बंद हो गई थी। दस से पंद्रह किमी के अंदर तीन बेस्ट की बसें बंद हो गई थीं। ये तीनों बसें प्रतीक्षानगर डिपो से निकली थी। गंतव्य तक पहुंचने से पहले बंद हो गई थीं। इसलिए प्रतीक्षानगर डिपो को भंगार डिपो कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
बसों के खराब होने के बारे में संवाददाता ने कंडक्टर से पूछा तो उसका कहना था कि डिपो स्थित वर्कशॉप में काम करने वाले मैकेनिक बसों की देखभाल ठीक से नहीं करते हैं। परिणामस्वरूप आए दिन बस खराब होती रहती हैं। कंडक्टर का यह भी कहना था कि वर्कशॉप में काम करने वाले कर्मचारियों की भी कमी है। इसलिए बसों की देखभाल ठीक नहीं होती है और बसें डिपो से निकलकर कहीं भी बंद हो जाती हैं।

मोबाइल चोर भी हैं सक्रिय
प्रतीक्षानगर डिपो से छूटने वाली बसें १७२, ८८ आदि बसों में मोबाइल और पॉकेटमारों का गिरोह भी सक्रिय है, जो पीक आवर में अंटापहिल बस स्टॉप से ग्रुप में चढ़ता है और मोबाइल आदि सामान झपटकर बीच के किसी स्टॉप पर उतर जाता है। पॉकेटमारों का अंतिम पड़ाव प्लाजा होता है। इसी प्रकार शाम के समय प्लाजा से यह गिरोह चढ़ता है और घटनाओं को अंजाम देने के बाद अंटाप हिल में उतर जाता है। यह गिरोह हर दिन आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है।

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