प्रेम यादव / मीरा-भायंदर
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने मीरा-भायंदर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आगमन पर काले झंडों से स्वागत करने का एलान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह विरोध केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, कर्ज और अव्यवस्था से त्रस्त जनता की आवाज है। पिछले तीन वर्षों से एमबीएमसी में चुनाव नहीं हुए और प्रशासक शासन जनता के बजाय बिल्डरों के हित साध रहा है।
एनसीपी ने आरोप लगाया कि प्रशासक मुख्यमंत्री के इशारों पर काम कर रहे हैं और विकास के नाम पर शहर को लूटने का खुला खेल चल रहा है। कचरा प्रबंधन घोटाला, टीडीआर में अनियमितताएं, अधूरी सड़कें और झोपड़पट्टी शौचालय घोटाले ने शहर को संकट में डाल दिया है। दहिसर टोल नाका और ट्रैफिक जाम ने नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया है। बढ़ते हाउस टैक्स और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे कर्ज ने जनता की कमर तोड़ दी है। २,६९४ करोड़ के बजट के बावजूद विकास परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और ठेकेदारों की जेबें भर रही हैं।
एसीबी ने २२ कर्मचारियों को पकड़ा, पर किसी को सजा नहीं हुई। नागरिकों की शिकायतें एमबीएमसी की वेबसाइट पर अनसुनी रह जाती हैं। सोशल मीडिया पर रोज गड्ढों और गंदगी की तस्वीरें वायरल होती हैं। एनसीपी का कहना है कि फडणवीस सरकार विकास का ढोल पीट रही है, लेकिन असलियत में शहर कर्ज और भ्रष्टाचार की दलदल में डूबा है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कि तीन साल से चुनाव न होना जनता का अपमान है।
गुलाम नबी फारूखी, कार्याध्यक्ष एनसीपी (शरदचंद्र पवार) मीरा-भायंदर ने कहा कि यह काला स्वागत फडणवीस सरकार की जनविरोधी नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा है।
अब नागरिक चुप नहीं बैठेंगे। एनसीपी का दावा है कि यह विरोध मीरा-भायंदर की जनता के साथ मिलकर फडणवीस सरकार को आईना दिखाने का निर्णायक कदम होगा।
