कोख में कन्याओं की हत्या करने वाले लोग,
नवरात्रि पूजन में कन्या ढूंढ़ते-फिरते हैं
समझ में नहीं आता,
इन पूजी जाने वाली कन्याओं की हत्या,
फिर क्यों कोख में करते हैं
वही समाज है, वही लोग हैं
पर भावनाएं क्यों बदलते हैं
बाद में यही पूजनीय बेटियों को लोग
बोझ क्यूं समझते हैं
बेटियों की पूजा सिर्फ, नवरात्रि में ही नहीं
पूरे वर्ष होनी चाहिए।
उनको मान-सम्मान और जीने का अधिकार देना चाहिए
क्योंकि यही बेटियां, परिवार की धुरी हैं, समाज की धुरी हैं
इनकी पूजा में सदेव, देव बस्ते हैं, जिनसे घर सजते हैं
प्रेम की मूर्ति ये कन्याएं ही धरती का आधार हैं
यही संसार है, यही संसार है, यही संसार है।
-वंदना मौर्या
इंदौर, मध्य प्रदेश
