एजेंसी / नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ शांति पहल पर अब बड़ा संकट मंडराता दिखाई दे रहा है। एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें चल रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व को फिर बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने के पक्ष में हैं। इसी बीच ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर हमले नहीं रुके तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। नतीजा यह है कि सीजफायर की कोशिशें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं और क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
बता दें कि इजरायली पीएम नेतन्याहू अमेरिका-ईरान की पीस डील पर शुरू से ही नश्तर लगाए हुए हैं। उन्हें ये समझौता कतई मंजूर नहीं है। वो किसी भी हाल में हिज्बुल्लाह का अस्तित्व मिटाने की जिद पर अड़े हैं। ऐसे में ईरान ने इजरायल पर हमले की धमकी रिलीज कर दी है। साफ कह दिया है कि अगर लेबनान पर इजरायली हमले नहीं रुके तो उसे जवाब दिया जाएगा। वहीं इजरायल का दावा है कि हिज्बुल्लाह के हमले में आईडीएफ के चार सैनिकों की मौत हुई है। इसी के बाद उन्होंने हमले शुरू किए हैं। इजरायल-हिज्बुल्लाह के बीच सीजफायर डील एक घंटे भी नहीं टिक सकी।
नेतन्याहू के तख्तापलट की तैयारी में ट्रंप?
ट्रंप प्रशासन यह मान चुका है कि नेतन्याहू रुकने वाले नहीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप ने नेतन्याहू के तख्तापलट की हरी झंडी दे दी है। इजरायली मीडिया चैनल्स की रिपोर्ट में दावा है ट्रंप प्रशासन बेंजामिन के विरोधी नेताओं से संपर्क कर रहा है। आगामी चुनाव में अमेरिका की कोशिश बेंजामिन को सत्ता से बाहर करने की है।
