सामना संवाददाता / मुंबई
भीषण गर्मी और मानसून में देरी का असर अब आम लोगों की रसोई पर साफ दिखाई देने लगा है। अंडे से लेकर हरी सब्जियों तक के दामों में अचानक आई तेजी ने गृहिणियों का बजट बिगाड़ दिया है। उत्पादन में कमी, पक्षियों की बढ़ती मौत और आपूर्ति शृंखला में बाधा के कारण बाजार में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
कुछ सप्ताह पहले ७४ से ८० रुपये प्रति दर्जन बिकने वाले अंडे अब ९० से ९६ रुपए प्रति दर्जन तक पहुंच गए हैं। अंधेरी के लोखंडवाला और बांद्रा जैसे इलाकों में अंडों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पोल्ट्री फार्मों में उत्पादन प्रभावित हुआ है, जबकि चारे और परिवहन लागत बढ़ने से कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
सब्जी बाजार में भी हालात चिंताजनक हैं। फूलगोभी, भिंडी, बीन्स और लौकी जैसी सामान्य सब्जियां १०० से १२० रुपए प्रति किलो बिक रही हैं, जबकि ग्वार फली, टिंडा, हरी मटर और प्रâेंच बीन्स के दाम १६० से २०० रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। टमाटर ६० रुपये, अदरक १६० रुपए, धनिया ३० रुपए प्रति गुच्छी और पुदीना २० रुपये में बिक रहा है।
व्यापारियों और किसानों का कहना है कि मानसून में देरी तथा अत्यधिक गर्मी के कारण उत्पादन और आपूर्ति दोनों प्रभावित हुए हैं। उनका मानना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
अंडों ने बढ़ाई चिंता
भीषण गर्मी के कारण जहां पोल्ट्री फार्मों में उत्पादन घटा है और पक्षियों की मृत्यु दर बढ़ी है, वहीं चारे और डीजल की बढ़ी कीमतों ने लागत में इजाफा कर दिया है। नतीजतन, कुछ सप्ताह पहले ८० रुपए दर्जन बिकने वाले अंडे अब ९६ रुपए प्रति दर्जन तक पहुंच गए हैं।
महंगाई और भड़केगी
ग्वार फली २०० रुपए, भिंडी और फूलगोभी १०० रुपए से अधिक तथा अदरक १६० रुपए प्रति किलो बिक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि मानसून में देरी, कमजोर आपूर्ति और बढ़ी परिवहन लागत के कारण कीमतों में तेजी बनी हुई है।
